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20 Year Old Chaat Shop: बालोद के पुराने चौपाटी में मनीष बघेल की 20 साल पुरानी चाट-गुपचुप दुकान लोगों की पसंद बनी हुई है. यहां 20 रुपये में दही गुपचुप, समोसा चाट और खस्ता चाट मिलती है. बरसात में रोज 100 से ज्यादा प्लेट चाट बिकती हैं. मनीष पढ़ाई के साथ पिता का कारोबार संभाल रहे हैं और रोज करीब 2,500 रुपये तक की कमाई कर लेते हैं.
20 Year Old Chaat Shop: बालोद शहर के पुराने चौपाटी में लगने वाला मनीष बघेल का चाट और गुपचुप सेंटर इन दिनों लोगों के बीच खासा लोकप्रिय बना हुआ है. खासकर बरसात के मौसम में यहां मिलने वाली गरमा-गरम समोसा चाट का स्वाद लोगों को अपनी ओर खींच रहा है. वहीं दही गुपचुप की डिमांड पूरे साल बनी रहती है. मात्र 20 रुपये प्रति प्लेट में मिलने वाले स्वादिष्ट व्यंजन ग्राहकों को किफायती कीमत में बेहतरीन स्वाद का अनुभव कराते हैं.
मनीष बघेल ने बताया कि उनकी दुकान पर दही गुपचुप, पानी गुपचुप, समोसा चाट और खस्ता चाट सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं. लगभग 20 साल पुरानी इस दुकान की पहचान स्वाद और साफ-सफाई दोनों के लिए है. उनका कहना है कि वे सभी आइटम पूरी स्वच्छता के साथ तैयार करते हैं और किसी भी प्रकार की मिलावट का इस्तेमाल नहीं करते. यही वजह है कि वर्षों से ग्राहकों का भरोसा उनकी दुकान पर बना हुआ है.
चाट और गुपचुप का बिजनेस
मनीष ने बताया कि करीब 20 साल पहले उनके पिता मध्य प्रदेश के ग्वालियर से बालोद आए थे. शुरुआत में उन्होंने छोटे स्तर पर चाट और गुपचुप का व्यवसाय शुरू किया था. धीरे-धीरे स्वाद और गुणवत्ता के दम पर यह दुकान शहर की पहचान बन गई. आज बालोद के लोग ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से आने वाले ग्राहक भी यहां चाट का स्वाद लेने पहुंचते हैं.
उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और अब अपने पिता के साथ व्यवसाय संभालने में पूरा सहयोग कर रहे हैं. पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने बिजनेस से दूरी नहीं बनाई. उनका कहना है कि समय का सही प्रबंधन करके पढ़ाई और कारोबार दोनों को साथ लेकर चलना संभव है. परिवार के साथ मिलकर काम करने से व्यवसाय भी लगातार आगे बढ़ रहा है.
समोसा चाट की मांग बढ़ी
बरसात के मौसम में उनकी दुकान पर समोसा चाट की मांग काफी बढ़ जाती है. रोजाना 100 से अधिक प्लेट केवल चाट की ही बिक्री हो जाती है. वहीं दही गुपचुप पूरे साल ग्राहकों की पहली पसंद बना रहता है. मनीष के अनुसार, सीजन के दौरान अच्छी बिक्री होने से प्रतिदिन करीब 2,500 रुपये तक की कमाई हो जाती है.
मनीष का मानना है कि किसी भी खाद्य व्यवसाय में स्वाद के साथ-साथ गुणवत्ता और स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण होती है. यदि ग्राहक को अच्छा स्वाद, साफ-सफाई और उचित कीमत मिले तो वह बार-बार उसी दुकान पर लौटकर आता है. यही सोच उनकी 20 साल पुरानी दुकान की सबसे बड़ी ताकत बन गई है. आज बालोद में उनकी चाट और गुपचुप का स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ चुका है और बरसात का मौसम आते ही यहां ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें