Last Updated:
Body Cooling Drink Recipe: गर्मी में ठंडक महसूस करने के लिए एसी, कूलर, बर्फ और ठंडा पानी ही जरूरी नहीं होता है. डाइट में ठंडी तासीर वाले खानपान को शामिल करना जरूरी है. यहां हम आपको एक ऐसे कूलिंग ड्रिंक के बारे में बता रहे हैं, जिसे दशकों से लोग गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडा रखने के लिए पीते आ रहे हैं.
गर्मी के मौसम में लोग अक्सर ठंडा महसूस करने के लिए बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स पीते हैं, लेकिन हमारे पारंपरिक देसी पेय शरीर को ज्यादा फायदा पहुंचाते हैं. भारत में सदियों से ऐसे कई घरेलू ड्रिंक्स बनाए जाते रहे हैं, जो स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखते हैं. रागी अंबली उन्हीं में से एक ड्रिंक है. यह दक्षिण भारत का बहुत पुराना और लोकप्रिय पेय है, जिसे खासतौर पर तेज गर्मी के दिनों में पिया जाता है.
कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में लोग लंबे समय से इस ड्रिंक को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते आए हैं. इसका इतिहास 200 साल पुराना बताया जाता है. ये ड्रिंक 40 डिग्री के तापमान में भी शरीर को ठंडा रखने में मददगार होती है. आज भी कई परिवार इस पारंपरिक रेसिपी को पसंद करते हैं.
रागी अंबली के फायदे
रागी अंबली सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि पोषण से भरपूर भी होती है. रागी में कैल्शियम काफी मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. कहा जाता है कि इसमें गाय के दूध से कई गुना ज्यादा कैल्शियम होता है. इसके अलावा यह पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है. गर्मियों में इसे पीने से शरीर ठंडा रहता है और थकान कम महसूस होती है. यही कारण है कि इसे प्राकृतिक कूलिंग ड्रिंक भी कहा जाता है.
रागी अंबली बनाने की रेसिपी
सामग्री
रागी का आटा
पानी
खट्टा दही
अदरक
हरी मिर्च
प्याज
करी पत्ता
धनिया
नमक
विधि
– सबसे पहले रागी के आटे को ठंडे पानी में अच्छे से घोल लिया जाता है ताकि उसमें गांठें न रहें. फिर पानी उबालकर उसमें यह घोल मिलाया जाता है और लगातार चलाते हुए पकाया जाता है. कुछ देर बाद यह गाढ़ा हो जाता है.
– जब मिश्रण ठंडा हो जाए, तब उसके छोटे-छोटे गोले बना लिए जाते हैं. इन गोलों को पानी में डालकर रातभर के लिए रखा जाता है ताकि उनमें हल्का फर्मेंटेशन हो सके. सुबह इन्हें पानी में अच्छी तरह मिलाकर खट्टा दही डाला जाता है.
– इसके बाद स्वाद बढ़ाने के लिए अदरक, प्याज, हरी मिर्च, करी पत्ता और धनिया मिलाया जाता है. आखिर में नमक डालकर इसे ठंडा-ठंडा पिया जाता है.
– अगर इसे मिट्टी के बर्तन में तैयार किया जाए, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. मिट्टी का बर्तन ठंडक बनाए रखने में मदद करता है और फर्मेंटेशन भी अच्छे से होता है. इससे रागी अंबली में हल्का देसी स्वाद आ जाता है, जो इसे और खास बना देता है.
About the Author
शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें