मिथिलांचल में गर्मियों के मौसम में अचार बनाने की परंपरा आज भी खूब लोकप्रिय है. इन्हीं में से एक खास अचार है ‘खटरस’, जो अपने अनोखे खट्टे, तीखे और चटपटे स्वाद के लिए जाना जाता है. यह अचार कई सामग्रियों के मिश्रण से तैयार होता है, इसलिए इसका स्वाद एक साथ कई अचारों जैसा लगता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले कच्चे आम, ओल (जिमीकंद) और अदरक को कद्दूकस कर लें. लहसुन छीलकर रख लें और हरी मिर्च को दरदरा पीस लें. इसके बाद मेथी, सरसों, कलौंजी, सौंफ और जीरा (पांच फोड़न) को हल्का भूनकर दरदरा पीस लें. इसमें सौंठ पाउडर और चुटकी भर हींग मिलाएं. सभी सामग्री को एक साफ और सूखे बर्तन में अच्छी तरह मिलाकर 4-5 दिन तक धूप में रखें. रोज एक बार चम्मच से चलाते रहें. तीसरे दिन सरसों का तेल गर्म करके ठंडा कर लें और अचार में मिला दें. इसके बाद दो दिन और धूप दिखाएं. जब मसाले और तेल अच्छी तरह मिल जाएं, तो अचार को कांच के साफ और सूखे जार में भरकर रख दें. सही तरीके से तैयार किया गया खटरस अचार एक साल या उससे अधिक समय तक सुरक्षित रह सकता है.