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Famous Gannamal Dal Fry : अलवर के किशनगढ़ बास में “गन्नामल होटल” की दाल फ्राई अपने देसी स्वाद के लिए दूर-दूर तक मशहूर है. 50 साल पुरानी इस परंपरा को अब अगली पीढ़ी संभाल रही है. देशी चूल्हे पर बनी सादी लेकिन लाजवाब दाल का स्वाद लेने लोग 100 किलोमीटर दूर से भी पहुंचते हैं.
अलवर : होटलों में दाल फ्राई का स्वाद तो आपने कई बार लिया होगा, लेकिन खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़ बास कस्बे की “फेमस गन्ने की दाल” का स्वाद बिल्कुल अलग और खास है. यहां की यह दाल अपने अनोखे जायके और देसी तड़के के लिए दूर-दूर तक मशहूर है. अगर आप कभी किशनगढ़ बास आते हैं और इस खास दाल का स्वाद नहीं चखते, तो समझिए आपने यहां आकर भी कुछ खास मिस कर दिया. भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद सिंध प्रांत से आए सिंधियों ने किशनगढ़ बास कस्बे में अपना अपना कारोबार सेट कर लिया.
वहीं स्वर्गीय दानमल ने कस्बे में जरूरत के हिसाब से एक छोटा होटल करीब 50 साल पहले शुरू किया. जिसमें वे लोगों को शुद्ध एवं शाकाहारी भजन खिलाते थे. उसके बाद उनकी मौत होने के बाद उनके बेटे घनश्याम दास गन्नामल ने होटल को संभाला और अपनी स्वादिष्ट दाल को लोगों को खिलते रहे. उसके बाद गन्ना मल होटल के नाम से किशनगढ़ बास सहित आसपास के इलाकों में यह फैमस हो गई. जहां पर करीब 50 साल से किशनगढ़ बास के कोर्ट, पुलिस थाना, पंचायत समिति ऑफिस और गवर्नमेंट बैंक एंड प्राइवेट कर्मचारी सहित कस्बे के विभिन्न व्यापारी यहां की दाल का स्वाद लेते हैं.
50 साल पुरानी परंपरा, गन्नामल की दाल का स्वाद कायम
साल 2016 में गन्नमल का स्वर्गवास होने के बाद से स्वर्गीय गन्ना मल के पुत्र राजेश, नरेश और दिलीप होटल को संभालने साथ जो लाल का स्वाद धन के दादा और पिताजी ने दिया उन्हीं के बताई हुई रेसिपी का मालकर पर दाल बना रहे हैं. गन्ना मल होटल की खास यह है कि यहां पर शुद्ध और ताजा खाने लोगों को मिलता है. इस होटल पर दाल फ्राई के अलावा कोई भी सब्जी नहीं बनती. गन्ना मल की होटल पर लोगों को शुद्ध और ताजा दाल फ्राई देशी चूल्हा पर बनी तावा रोटी मिलती है.
देसी चूल्हे की दाल फ्राई, दूर-दूर से आते लोग
यहां दोपहर के समय ज्यादा भीड़ रहती है क्योंकि यहां पर बाजार के दुकानदार दाल लेते हैं. गन्नामल होटल के राजेश कुमार ने बताया कि इस होटल को 50 साल के जिस पर खाना बनाने का काम पीढ़ी दर पीढ़ी करती आ रही है. उन्होंने बताया कि पहले उनके दादाजी फिर उसके बाद उनके पिताजी और अब टीन भाई मिलकर होटल को संभाल रहे हैं. दाल फ्राई को खाने के लिए लोग 50 से 100 किलोमीटर दूर से आते हैं.
पीढ़ियों से चल रहा स्वाद, गन्नामल होटल की पहचान
राजेश कुमार ने बताया कि गन्नामल होटल पिछले करीब 50 सालों से अपनी खास दाल फ्राई के लिए मशहूर है. होटल संचालक राजेश कुमार बताते हैं कि यहां आज भी दाल पुराने पारंपरिक तरीके से बनाई जाती है, जो इसके स्वाद को खास बनाती है. इस दाल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सादगी और देसी स्वाद है, जिसे लोग दूर-दूर से चखने आते हैं. गन्नामल होटल की दाल बनाने की विधि भी बेहद सरल है.
आसान रेसिपी में छुपा खास स्वाद, मशहूर दाल फ्राई
सबसे पहले दाल को उबालकर अलग रख लिया जाता है. इसके बाद कढ़ाई में सरसों का तेल या अच्छी क्वालिटी का रिफाइंड तेल गर्म किया जाता है. तेल गरम होने पर उसमें बारीक कटे प्याज, लहसुन, अदरक और टमाटर डालकर अच्छे से भुना जाता है. फिर इसमें स्वादानुसार लाल मिर्च और नमक मिलाया जाता है. मसाला तैयार होने पर उबली हुई दाल डालकर उसे अच्छी तरह मिलाया जाता है. अंत में हरा धनिया डालकर यह स्वादिष्ट दाल तैयार हो जाती है.
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