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अगर आप अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं और साथ ही फैट कम रखना चाहते हैं, तो कुछ सब्जियां आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं. ये सब्जियां न सिर्फ शरीर को जरूरी प्रोटीन देती हैं, बल्कि फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में देती हैं. खास बात यह है कि इन्हें रोज के खाने में आसानी से शामिल किया जा सकता है, जिससे फिटनेस, वजन कंट्रोल और ओवरऑल हेल्थ को फायदा मिल सकता है.
पालक सबसे बेहतरीन हरी पत्तेदार सब्जियों में से एक मानी जाती है, जिसे डाइट में शामिल करना बेहद फायदेमंद हो सकता है. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, आयरन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो मसल्स को मजबूत रखने, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करने और पाचन को बेहतर बनाने में सहायक माने जाते हैं. इसमें फैट और कैलोरी बहुत कम होती है, इसलिए वजन घटाने और फिटनेस डाइट के लिए यह शानदार विकल्प है. पालक को स्मूदी, सलाद, सूप या लहसुन के साथ हल्का भूनकर खाया जा सकता है. करीब 100 ग्राम पालक में लगभग 2.9 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जिससे यह पौष्टिक और प्लांट बेस्ड प्रोटीन का अच्छा स्रोत बन जाती है.
ब्रोकोली एक बेहद पौष्टिक क्रूसीफेरस सब्जी है, जिसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. यह वजन कंट्रोल रखने, इम्यूनिटी मजबूत करने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में मददगार मानी जाती है. इसमें फैट और कैलोरी प्राकृतिक रूप से कम होती है, इसलिए हेल्दी मील प्लान में इसे अक्सर शामिल किया जाता है. ब्रोकोली को स्टीम करके, रोस्ट करके, हल्का भूनकर या सूप में मिलाकर खाया जा सकता है. करीब 100 ग्राम ब्रोकोली में लगभग 2.8 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जिससे यह पेट भरने के साथ शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी देती है.
हरी मटर स्वादिष्ट होने के साथ प्रोटीन से भरपूर होती है. इसमें फाइबर भी अच्छा होता है, जिससे पेट देर तक भरा महसूस होता है. इसे पुलाव, सब्जी या स्नैक में इस्तेमाल करें.
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ब्रसेल्स स्प्राउट्स प्रोटीन से भरपूर और पोषक तत्वों वाली सब्जी है, जो क्रूसीफेरस परिवार से आती है. इसमें प्रोटीन, विटामिन K, विटामिन C और अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन, हड्डियों की मजबूती और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें फैट बहुत कम होता है, लेकिन यह पेट भरने में मदद करती है. इसे मसालों के साथ रोस्ट करके, सलाद में डालकर या हल्का भूनकर खाया जा सकता है. लगभग 100 ग्राम ब्रसेल्स स्प्राउट्स में करीब 3.4 ग्राम प्रोटीन मिलता है, इसलिए यह प्लांट बेस्ड प्रोटीन का बेहतरीन विकल्प है.
केल को बेहद पौष्टिक हरी पत्तेदार सब्जी माना जाता है, इसलिए इसे सुपरफूड भी कहा जाता है. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन A, विटामिन C और विटामिन K पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत रखने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं. इसमें फैट बहुत कम होता है, इसलिए वजन कंट्रोल करने वालों के लिए यह अच्छा विकल्प है. केल को सलाद में कच्चा खाया जा सकता है, स्मूदी में मिलाया जा सकता है या सूप और सब्जी के रूप में भी लिया जा सकता है. करीब 100 ग्राम केल में लगभग 4.3 ग्राम प्रोटीन मिलता है, जिससे यह प्रोटीन, फाइबर और जरूरी पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत बन जाती है.
फूलगोभी एक ऐसी सब्जी है जिसे कई तरीकों से खाने में शामिल किया जा सकता है. इसमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन C अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि फैट और कैलोरी काफी कम होती है. यह पाचन को बेहतर रखने, इम्यूनिटी मजबूत करने और हेल्दी डाइट बनाए रखने में मददगार मानी जाती है. खास बात यह है कि इसे कई हाई कार्ब फूड्स की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है. आप इससे गोभी राइस, मैश, पिज्जा बेस या मसालों के साथ रोस्ट करके स्वादिष्ट स्नैक बना सकते हैं. करीब 100 ग्राम फूलगोभी में लगभग 1.9 ग्राम प्रोटीन होता है. भले ही इसका प्रोटीन बहुत ज्यादा न हो, लेकिन पोषण और उपयोग के कई तरीकों की वजह से यह बेहद शानदार विकल्प है.
शतावरी (Asparagus) शतावरी एक पौष्टिक और हल्की सब्जी है, जिसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन के साथ फोलेट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसमें फैट और कैलोरी कम होती है, इसलिए हेल्दी डाइट फॉलो करने वालों के लिए यह बढ़िया विकल्प मानी जाती है. यह पाचन को बेहतर रखने, दिल की सेहत को सपोर्ट करने और शरीर में सूजन कम करने में मददगार हो सकती है. इसका हल्का और स्वादिष्ट फ्लेवर इसे कई डिश में आसानी से शामिल करने लायक बनाता है. आप इसे ग्रिल करके, स्टीम करके, हल्का भूनकर या सलाद और पास्ता में मिलाकर खा सकते हैं. करीब 100 ग्राम शतावरी में लगभग 2.2 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जो इसे हल्का लेकिन पोषण से भरपूर विकल्प बनाता है.
मशरूम तकनीकी रूप से फंगस है, लेकिन पोषण गुणों की वजह से इसे सब्जियों की श्रेणी में शामिल किया जाता है. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, बी विटामिन्स और सेलेनियम व कॉपर जैसे जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. मशरूम में फैट और कैलोरी काफी कम होती है, इसलिए वजन कंट्रोल करने वालों के लिए यह बेहतरीन विकल्प माना जाता है. इसे हल्का भूनकर, ग्रिल करके, रोस्ट करके या सूप, पिज्जा, पास्ता और स्टर फ्राई जैसी डिश में मिलाकर खाया जा सकता है. करीब 100 ग्राम मशरूम में लगभग 3.1 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जिससे यह स्वाद और पोषण दोनों देने वाला शानदार प्लांट बेस्ड विकल्प बन जाता है.
कॉलर्ड ग्रीन्स एक पौष्टिक हरी पत्तेदार सब्जी है, जिसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन K और फाइबर पाया जाता है. यह हड्डियों को मजबूत रखने, पाचन बेहतर करने और शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार मानी जाती है. इसमें फैट बहुत कम होता है, इसलिए हेल्दी और बैलेंस डाइट के लिए यह अच्छा विकल्प है. कॉलर्ड ग्रीन्स को हल्का भूनकर, सूप या स्टू में डालकर खाया जा सकता है. इसे लो-कार्ब मील्स में रैप की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है. करीब 100 ग्राम कॉलर्ड ग्रीन्स में लगभग 3 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जिससे यह प्लांट बेस्ड हाई प्रोटीन डाइट के लिए शानदार विकल्प बन जाती है.
बीट ग्रीन्स यानी चुकंदर के हरे पत्ते, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये पोषण से भरपूर होते हैं. इनमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और फाइबर पाया जाता है, जो खून की सेहत, पाचन और हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें फैट और कैलोरी बहुत कम होती है, इसलिए हेल्दी डाइट में इन्हें आसानी से शामिल किया जा सकता है. बीट ग्रीन्स को स्मूदी, सूप या मसालों के साथ हल्का भूनकर साइड डिश की तरह खाया जा सकता है. करीब 100 ग्राम बीट ग्रीन्स में लगभग 2.2 ग्राम प्रोटीन मिलता है, जिससे यह प्लांट बेस्ड प्रोटीन और जरूरी मिनरल्स पाने का शानदार तरीका बन जाता है.