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झारखंड का पारंपरिक मड़सटका भात गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन से बचने का रामबाण उपाय है. चावल को अधिक पानी में गलाकर तैयार यह सुपाच्य व्यंजन शरीर को तुरंत ठंडक और ऊर्जा देता है. नींबू और नमक के साथ इसका सेवन इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखता है. जिससे यह सेहत और स्वाद का बेहतरीन संगम बन जाता है.
जमशेदपुर: गर्मियों का मौसम आते ही तेज धूप और लू लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है. खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने पर शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है, जिससे लू लगना, कमजोरी, लूज मोशन और डायरिया जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे हालात में झारखंड के ग्रामीण इलाकों में लोग अपने पारंपरिक खानपान का सहारा लेते हैं, जिसमें सबसे खास है मड़सटका भात. यह न सिर्फ बनाने में आसान है, बल्कि शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने का भी काम करता है.
गांवों में आज भी बुजुर्ग इस व्यंजन को गर्मी से बचाव का रामबाण उपाय मानते हैं. इसे बनाने की विधि बेहद सरल है. सबसे पहले एक कप चावल को अच्छी तरह साफ पानी से धो लिया जाता है, ताकि उसमें मौजूद धूल या अशुद्धियां निकल जाएं। इसके बाद चावल को कुकर में डालकर उसमें लगभग तीन गुना पानी मिलाया जाता है. स्वाद के अनुसार थोड़ा नमक डाल दिया जाता है. फिर कुकर को बंद कर 5 से 6 सीटी आने तक पकाया जाता है, जिससे चावल पूरी तरह गलकर हल्का और मुलायम हो जाए.
नींबू के रस के साथ खाएं
जब चावल अच्छे से पक जाए, तो उसे हल्का ठंडा होने दिया जाता है. इसे आमतौर पर नींबू के रस के साथ खाया जाता है, जो इसके स्वाद को बढ़ाने के साथ-साथ पाचन में भी मदद करता है. कई गांवों में लोग इसके साथ हरी मिर्च, प्याज या हल्का सा चोखा भी मिलाकर खाते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
मड़सटका भात के फायदे भी कम नहीं हैं. सबसे पहले, यह शरीर को ठंडक पहुंचाता है और लू के असर को कम करने में मदद करता है. इसमें पानी की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है. इसके अलावा, यह पचने में बहुत हल्का होता है, इसलिए जिन लोगों को लूज मोशन या पेट की समस्या होती है, उनके लिए यह एक बेहतरीन आहार माना जाता है. नमक और नींबू मिलाने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहता है, जिससे कमजोरी और थकान कम होती है.
झारखंड के गांवों की परंपरा
झारखंड के गांवों में यह सिर्फ एक भोजन नहीं, बल्कि एक परंपरा है, जो पीढ़ियों से लोगों को गर्मी से बचाने का काम कर रही है. आज के समय में जहां लोग महंगे और जटिल उपाय खोजते हैं, वहीं यह सरल देसी नुस्खा आज भी उतना ही प्रभावी है. अगर आप भी गर्मी में खुद को स्वस्थ और तरोताजा रखना चाहते हैं, तो मड़सटका भात को अपनी डाइट में जरूर शामिल कर सकते हैं.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.