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Mau Lauki Barfi: उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद की प्रसिद्ध ‘लौकी की बर्फी’ अपनी शुद्धता और अनोखे स्वाद के लिए विदेशों तक मशहूर है. पिछले 50 वर्षों से भोला स्वीट हाउस द्वारा बनाई जा रही यह मिठाई न केवल गर्मी में शरीर को ठंडक देती है, बल्कि कई दिनों तक खराब भी नहीं होती. ₹400 किलो मिलने वाली यह बर्फी शुगर के मरीजों और व्रत रखने वालों के लिए भी सुरक्षित है. मऊ से लेकर मुंबई और सात समंदर पार तक इस खास मिठाई की भारी मांग रहती है.

Mau Lauki Barfi: उत्तर प्रदेश का मऊ जनपद इन दिनों अपनी एक खास मिठाई को लेकर चर्चा के केंद्र में है. यहां मुहम्मदाबाद गोहना में तैयार होने वाली ‘लौकी की बर्फी’ का स्वाद ऐसा है कि इसकी महक सात समंदर पार विदेशों तक पहुंच चुकी है. पिछले 50 वर्षों से लोगों की पहली पसंद बनी यह बर्फी न केवल स्वाद में बेमिसाल है, बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं. भीषण गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाने वाली यह बर्फी शुद्धता की ऐसी मिसाल है कि इसे व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं से लेकर शुगर के मरीज तक बड़े चाव से खाते हैं. आइए जानते हैं क्या है इस बर्फी को बनाने की रेसिपी.

50 वर्षों से बन रही लौकी की बर्फी
लोकल 18 से बात करते हुए मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना नगर पंचायत के ठीक सामने भोला स्वीट हाउस के दुकानदार बताते हैं कि लगभग 50 वर्षों से उनके यहां लौकी की बर्फी बनाई. हालांकि बीच में कुछ दिनों के लिए यह बर्फी बंद हो गई थी लेकिन लगभग 10 वर्षों से फिर लगातार यह बर्फी बनाई जा रही है. इस बर्फी का स्वाद ऐसा है कि लोग इसे सिर्फ खाते ही नहीं है इस पैक करा कर घर लेकर जाते हैं और उनकी दुकान से सबसे ज्यादा बर्फी मुंबई और विदेश में जाती है. जिसका खास वजह यह है कि यह बर्फी बिल्कुल शुद्ध बर्फी बनाई जाती है जो लौकी की होती है यह बर्फी आप व्रत में खा सकते हैं और शुगर के मरीज भी इसे खा सकते हैं इस वजह से हर कोई इस बर्फी को पसंद करता है.

खाने के बाद शरीर के अंदर पहुंचती है ठंडक
इस बर्फी को बनाने के लिए पहले लौकी को छोटे-छोटे बल्कि में काटा जाता है फिर इसे गर्म पानी में अच्छे से उबाला जाता है और उबलने के बाद इसे ग्राइंडर करके बर्फी के आकार में पतला किया जाता है फिर हल्का चीनी और खोवा मिलाकर इस लौकी के बर्फी को बनाया जाता है. जिसे खाने के बाद शरीर के अंदर ठंडक पहुंचती है इस वजह से गर्मी में लोग इस बर्फी को काफी पसंद कर रहे हैं और यह बर्फी कई दिनों तक खराब नहीं होती इस वजह से लोग इसे भारत के कई प्रदेश में लेकर जाते हैं जिसमें सबसे अधिक यह लौकी की बर्फी मुंबई और विदेश में जाती है.

₹400 किलो की मिलने वाली लौकी की बर्फी का विदेश तक है मांग
यदि इस लौकी की बर्फी को एक बार कोई खा ले तो वह बार-बार खाने पर मजबूर हो जाएगा. क्योंकि इस बर्फी की स्वाद ऐसी है कि हर कोई इसे खाना पसंद करता है यदि आप व्रत है तो इसे खा सकते हैं और कहीं धार्मिक स्थल पर चढ़ाने के लिए यह खबर भी सबसे शुद्ध बर्फी मानी जाती है. शुगर वाले मरीज भी इसे खा लेते हैं इस वजह से इस लौकी की बर्फी की मांग हमेशा बनी रहती है. अगर बात करें कीमत की तो यह बर्फी ₹400 किलो की आती है. सुबह से शाम तक आसानी से यह बर्फी जितनी बनती है बिक जाती है क्योंकि बर्फी उतनी ही बनाई जाती है जितना आसानी से इसका ऑर्डर मिला रहता है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



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