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Mughlai Food Recipe : गाजियाबाद का 63 साल पुराना बुन्दू सलमानी होटल पुरानी दिल्ली के मुगलई खाने की याद दिलाता है. सुबह होते ही यहां मटन के शौकीनों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है. दिल्ली, नोएडा, हापुड़ और बुलंदशहर तक लोग स्वाद लेने पहुंचते हैं. इस होटल की सबसे फेमस डिश नाहरी है. इसे बनाने की प्रक्रिया काफी लंबी है. यहां सादी नाहरी की प्लेट 100 रुपये में मिलती है. नली वाली नाहरी 150 रुपये और फ्राई नाहरी 220 रुपये में परोसी जाती है.
गाजियाबाद. अगर आप पुराने स्वाद और असली मुगलई खाने के शौकीन हैं तो गाजियाबाद के कैला भट्टा स्थित 63 साल पुराना बुन्दू सलमानी होटल आपके लिए एकदम सही जगह है. यहां पुरानी दिल्ली की जामा मस्जिद मार्केट जैसा जायका आपको मिल जाएगा. यही वजह है कि सुबह होते ही यहां खाने के शौकीनों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है. होटल अपनी खास नाहरी, पाये, कोरमा, कीमा, कलेजी और भेजा जैसी नॉनवेज डिशों के लिए पूरे इलाके में मशहूर है. बुन्दू सलमानी होटल में दिल्ली, नोएडा, हापुड़ और बुलंदशहर तक लोग स्वाद लेने पहुंचते हैं. पुराने मसालों और पारंपरिक तरीके से बनने वाले खाने ने इस होटल को लोगों की पहली पसंद बना दिया है. यहां आने वाले ग्राहक बताते हैं कि खाने में वही पुराना देसी स्वाद मिलता है जो अब बड़े-बड़े रेस्टोरेंट में भी मुश्किल से देखने को मिलता है.
स्वाद में कोई बदलाव नहीं
लोकल 18 से होटल के मालिक आमिर बताते हैं कि इसकी शुरुआत करीब 63 साल पहले उनके दादा ने की थी. इसके बाद उनके वालिद (पिता) ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया. अब तीसरी पीढ़ी के रूप में दोनों भाई मिलकर होटल संभाल रहे हैं. आमिर का कहना है कि यह गाजियाबाद का सबसे पुराना और मशहूर नॉनवेज होटल माना जाता है. वर्षों से यहां के स्वाद में कोई बदलाव नहीं किया गया. इसी वजह से लोग आज भी यहां बार-बार आते हैं.
स्वाद इतना अलग कैसे
इस होटल की सबसे फेमस डिश नाहरी है. इसे बनाने की प्रक्रिया काफी लंबी और खास है. आमिर बताते हैं कि पहले नाहरी के लिए खास मटन लाया जाता है. उसे अच्छी तरह साफ करके सुखाया जाता है और फिर धीमी आंच पर पकाया जाता है. इसमें घर के तैयार किए गए खास मसालों का इस्तेमाल होता है, जो इसके स्वाद को अलग बनाते हैं. नाहरी को पूरी तरह तैयार होने में आठ घंटे से ज्यादा का समय लगता है. यहां सादी नाहरी की प्लेट 100 रुपये में मिलती है. नली वाली नाहरी 150 रुपये और फ्राई नाहरी 220 रुपये में परोसी जाती है.
कम कीमत और बेहतरीन स्वाद की वजह से यहां हर वर्ग के लोग पहुंचते हैं. बुन्दू सलमानी होटल आज सिर्फ एक होटल नहीं बल्कि गाजियाबाद की पुरानी खानपान संस्कृति की पहचान बन चुका है. यहां का स्वाद लोगों को पुरानी दिल्ली की गलियों की याद दिला देता है. यही वजह है कि दशकों बाद भी इस होटल की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें