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छतरपुर जिले के लवकुश नगर में पिछले 20 सालों एक ऐसी भी समोसे की दुकान है. जिसका स्वाद आज भी लोगों को खी़च लाता है. दरअसल, शहर के बब्बी चौरसिया पिछले 20 सालों से समोसे बनाने का काम कर रहे हैं. जिसके चलते बप्पी समोसे वाला पूरे शहर में एक ब्रांड बन चुका है. यहां 10 रुपए के समोसे के साथ में 3 तरह की चटनी, भरपेट रायता और दही भी मिलता है. 

छतरपुर जिले के लवकुश नगर में पिछले 20 सालों एक ऐसी भी समोसे की दुकान है जिसका स्वाद आज भी लोगों को यहां तक खी़च लाता है. लवकुश नगर के बब्बी चौरसिया जो पिछले 20 सालों से समोसे बनाने का काम कर रहे हैं. जिसके चलते शहर में बब्बी समोसे वाला एक ब्रांड बन चुका है. इनकी दुकान के समोसे का स्वाद आज भी वही है जो 20 साल पहले था. इसलिए आज भी यहां कस्टमर की भीड़ लगती है.  यहां 10 रुपए के समोसे के साथ में 3 तरह की चटनी, भरपेट रायता और दही भी मिलता है. इसलिए बढ़ती गर्मी में भी यहां समोसे सुबह से शाम बनते रहते हैं.

राजेंद्र बताते हैं कि हमारी समोसे की दुकान 20 साल पुरानी है. यहां आज भी वही टेस्टी समोसा बनता है जो 20 साल पहले बनता था. हमनें आज तक क्वालिटी के साथ समझौता नहीं किया है. इसलिए लोग भी हमें प्यार देते हैं. पूरे शहर में सबसे ज्यादा समोसे के आर्डर हमारी दुकान में ही आते हैं. 20 सालों से अपने हाथों से समोसे बना रहे हैं इसलिए समोसे के स्वाद की गारंटी हम लेते हैं. अगर हमारे यहां का समोसा सूखा भी खाएंगे तो भी आनंद आएगा. इसके साथ ही 3 तरह की चटनी, रायता और दही भी साथ में देते हैं. हमारे यहां टमाटर की चटनी, खट्टी मिट्ठी चटनी और मीठी चटनी बनती है.

बब्बी समोसा बना शहर में ब्रांड 
राजेंद्र बताते हैं कि मेरे छोटे भाई का नाम बप्पी है. उसी के नाम से दुकान है. आप पूरे शहर में किसी से भी पूछिए कि बब्बी समोसे की दुकान कैसे हैं? वह यही बोलेगा कि एक बार खाकर देखो स्वाद पता चल जाएगा.

बब्बी खुद तैयार करते हांथ से समोसे 
राजेंद्र बताते हैं कि आज हम दोनों भाई मिलकर समोसे बनाते हैं. हालांकि, काम करने के लिए लड़के भी लगा रखे हैं. मैं काउंटर में बैठता हूं और छोटा भाई बब्बी आज भी अपने हाथों से समोसे बनाता है. अगर हम समोसे दूसरे से बनवाएंगे तो शायद समोसे का स्वाद बिगड़ सकता है इसलिए खुद हाथों से समोसे बनाते हैं.

5 रुपए का समोसा भी बेचा 
राजेंद्र बताते हैं कि शुरुआत में तो 5 रुपए से समोसे बेचना शुरू किया था. लेकिन फिर महंगाई बढ़ने के साथ 15 के 2 समोसे कर दिए. अब तेल और मैदा भी बढ़ गया है तो 10 रुपए का एक समोसा कर दिया है. भले ही छोटे शहर के हिसाब से महंगा हो लेकिन समोसे के लिए लोगों की भीड़ इस गर्मी में भी लगती है.

शुद्धता का रखते विशेष ख्याल
राजेंद्र बताते हैं कि हम जिस तेल में समोसे सिराते हैं वह तेल बदलते ही रहते हैं जिससे हमारे समोसे की क्वालिटी बनी रहती है. एक समोसे के साथ में तीन तरह की चटनी, रायता और दही देते हैं. इसका कोई अलग से चार्ज नहीं लेते हैं. अभी गर्मी का सीज़न हैं तो लोग एक समोसे के साथ 100 ग्राम तो रायता ही पी जाते हैं. इसके अलावा दही भी खा लेते हैं.

समोसे की सालभर रहती डिमांड 
वैसे तो हमारी दुकान में भजिया, लस्सी, गुजिया, जलेबी, रसमलाई, कालाजाम, छेना, रसगुल्ला भी बनता है लेकिन सबसे ज्यादा समोसा ही बिकता है. हालांकि, अभी गर्मी है तो लस्सी भी खूब डिमांड में है.



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