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फिरोजाबाद के घंटाघर पर पिछले 50 सालों से लग रहा पूड़ी-कचौड़ी का यह ठेला आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. तीन पीढ़ियों से शुद्ध सरसों के तेल और घर के तैयार मसालों से बन रहे इस नाश्ते का स्वाद ऐसा है कि सुबह होते ही यहां ग्राहकों की लंबी कतार लग जाती है.
फिरोजाबाद. कहते हैं कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, बस काम को करने की लगन और मेहनत उसे अलग पहचान दिलाती है. फिरोजाबाद में कई सालों से लगने वाला पूड़ी और कचौड़ी के नाश्ता का ये ठेला दूर दूर तक मशहूर है.इस ठेले पर नाश्ते को पिछले तीन पीढ़ियों से तैयार किया जा रहा है. वहीं इस ठेले पर एक दम शुद्ध तरीके से नाश्ता मिलता है. इस नाश्ते को करने के लिए सुबह सुबह लोगों की भीड़ भी लगती है, जिससे ठेले वाले की अच्छी कमाई भी हो जाती है.
50 साल से तैयार कर रहे हैं नाश्ता
फिरोजाबाद के घंटाघर के पास ठेले पर नाश्ता बेचने वाले दुकानदार अरविंद कुमार ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए बताया कि फिरोजाबाद में घंटाघर के पास उनका ठेला सबसे पुराना है. इस ठेले पर तीन पीढ़ियों से सुबह का नाश्ता तैयार कर बेचा जा रहा है. वहीं उन्होंने कहा कि उनके यहां के नाश्ते की अलग ही खासियत है. यहां सबसे पहले नाश्ते के लिए मसालों को घर पर ही तैयार किया जाता है. उसके बाद नाश्ते को बनाने के लिए शुद्ध सरसों के तेल का इस्तेमाल होता है. इसके बाद सुबह होते ही नाश्ता बेचना शुरू किया जाता है. इस नाश्ते को करने के लिए लोगों की भारी भीड़ लगती है. दूर दूर से ग्राहक सुबह यहां नाश्ता करने के लिए आते हैं.
14 रु में तैयार कर बेचते हैं कचौड़ी
नाश्ता बेचने वाले दुकानदार ने बताया कि घंटाघर के पास उनकी दुकान पर सुबह 5:00 बजे से नाश्ता बेचना शुरू होता है. वहीं उनके यहां आलू और दाल की कचौड़ियां और पूड़ी तैयार होती है. इस कचौड़ी को जो भी एक बार खाकर जाता है वो दोबारा जरूर आता है. वही उन्होंने कहा कि आसपास के इलाके से भी लोग आते हैं और नाश्ता पैक कराकर ले जाते हैं. वह रोजाना लगभग 500 लोगों को नाश्ता करा देते हैं, जिससे उनकी रोजाना 6 से 7 हजार तक की कमाई हो जाती है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें