Aloo Thechwani Recipe: पहाड़ों का खाना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि उसकी सादगी और देसी अंदाज के लिए भी पसंद किया जाता है. उत्तराखंड की रसोई में कई ऐसी ट्रेडिशनल डिश मिलती हैं जिनका स्वाद एक बार खाने के बाद लंबे समय तक याद रहता है. उन्हीं में से एक है आलू की थेचवानी. यह एक ऐसी देसी पहाड़ी रेसिपी है जिसमें उबले आलू को सिलबट्टे पर कूटकर मसालों के साथ पकाया जाता है. थेचवानी नाम ही इस डिश की खासियत बताता है, क्योंकि पहाड़ी भाषा में “थेचना” मतलब किसी चीज को कूटना या क्रश करना होता है. इस डिश की सबसे खास बात यह है कि इसमें ज्यादा भारी मसाले नहीं डाले जाते, फिर भी इसका स्वाद कमाल का आता है.
सरसों के तेल की खुशबू, लहसुन का तड़का और सिलबट्टे में कुटे आलू का देसी टेक्सचर इसे बाकी आलू की सब्जियों से बिल्कुल अलग बना देता है. अगर आप भी घर पर कुछ नया और ट्रेडिशनल ट्राई करना चाहते हैं तो उत्तराखंड की यह पहाड़ी रेसिपी जरूर बनाएं. यह खाने में टेस्टी होने के साथ पेट भरने वाली और आराम देने वाली डिश भी मानी जाती है.
क्या है आलू की थेचवानी?
आलू की थेचवानी उत्तराखंड के गांवों में बनने वाली एक मशहूर पहाड़ी डिश है. इसमें उबले आलू को सिलबट्टे पर हल्का क्रश किया जाता है ताकि उसका टेक्सचर बना रहे. इसके बाद प्याज, टमाटर, लहसुन और देसी मसालों के साथ इसे पकाया जाता है. पहाड़ों में इस तरह सिलबट्टे पर कूटकर बनाई गई सब्जियों को “थेचवानी” कहा जाता है. यही वजह है कि इस डिश का स्वाद बिल्कुल देसी और अलग लगता है.
आलू की थेचवानी बनाने के लिए जरूरी चीजें
-4-5 उबले आलू
-3 प्याज
-3 टमाटर
-4 हरी मिर्च
-12-15 लहसुन की कलियां
-थोड़ा अदरक
-हरा धनिया
-पालक या कोई सीजनल हरी पत्तियां
-सरसों का तेल
-जीरा
-हल्दी
-लाल मिर्च पाउडर
-धनिया पाउडर
-गरम मसाला
-जीरा पाउडर
-नमक स्वाद के हिसाब से
सिलबट्टे पर आलू कूटने का देसी तरीका
इस रेसिपी का असली स्वाद आलू को कूटने से आता है. इसके लिए उबले आलू को छोटे टुकड़ों में काट लें ताकि उन्हें क्रश करना आसान हो जाए. अब सिलबट्टे पर हल्के हाथ से आलू को कूटें. ध्यान रखें कि आलू पूरी तरह पेस्ट नहीं बनने चाहिए. थोड़ा चंकी टेक्सचर रहने से खाने में मजा आता है. यही देसी स्टाइल इस डिश को खास बनाता है. अगर घर में सिलबट्टा नहीं है तो आप आलू को मोटा-मोटा मैश भी कर सकते हैं, लेकिन सिलबट्टे वाला स्वाद अलग ही आता है.
ऐसे तैयार करें पहाड़ी थेचवानी
सबसे पहले लोहे की कढ़ाई गरम करें. इसमें सरसों का तेल डालें. पहाड़ी खाने में सरसों के तेल का इस्तेमाल ज्यादा होता है क्योंकि इससे स्वाद बढ़ जाता है. तेल गरम होने के बाद जीरा डालें. फिर कटा हुआ प्याज डालकर हल्का भून लें. प्याज को ज्यादा ब्राउन नहीं करना है क्योंकि थोड़ा सॉफ्ट टेक्सचर इस डिश में अच्छा लगता है. अब इसमें लहसुन और हरी मिर्च डालकर भूनें. जैसे ही लहसुन की खुशबू आने लगे, उसमें कटे टमाटर डाल दें. टमाटर नरम होने तक पकाएं.
इसके बाद मसाले डालें.
-आधा चम्मच हल्दी
-एक चम्मच से थोड़ा कम लाल मिर्च
-एक चम्मच धनिया पाउडर
-थोड़ा गरम मसाला
-थोड़ा जीरा पाउडर
अब इसमें थोड़ा गर्म पानी डालें ताकि मसाले अच्छे से पक जाएं और कढ़ाई में चिपके नहीं.
आलू डालने के बाद बढ़ जाता है स्वाद
अब कुटे हुए आलू कढ़ाई में डालें और मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाएं. इसी स्टेज पर इसमें कटी हुई हरी पत्तियां भी डाल सकते हैं. इससे स्वाद के साथ डिश की हेल्थ वैल्यू भी बढ़ जाती है. 2-3 मिनट तक पकाने के बाद इसमें गर्म पानी डालें. गर्म पानी डालने से कुकिंग रुकती नहीं और स्वाद भी बेहतर आता है. फिर इसे थोड़ी देर धीमी आंच पर पकने दें. आखिर में हरा धनिया डालकर गरमा गरम सर्व करें.
किसके साथ खाएं आलू थेचवानी?
पहाड़ों में इस डिश को मंडुवे की रोटी, चावल या छाछ के साथ खाया जाता है. इसका देसी स्वाद ठंड के मौसम में और भी ज्यादा मजेदार लगता है. अगर आप रोज एक जैसी आलू की सब्जी खाकर बोर हो चुके हैं तो यह पहाड़ी डिश आपके खाने का स्वाद पूरी तरह बदल सकती है.
क्यों खास है ये पहाड़ी डिश?
-कम मसालों में जबरदस्त स्वाद
-देसी और ट्रेडिशनल फ्लेवर
-सरसों के तेल और लहसुन की शानदार खुशबू
-हेल्दी और पेट भरने वाली डिश
-घर में आसानी से बनने वाली रेसिपी