Last Updated:
अगर आपने अब तक सिर्फ दूध की रबड़ी खाई है, तो मिर्जापुर की यह खास मखाना रबड़ी आपका स्वाद बदल देगी. मखाना, मलाई, खोया और ड्राईफ्रूट्स से तैयार यह अनोखी रबड़ी स्वाद के शौकीनों को खूब पसंद आ रही है और इसे खाने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं.
मिर्जापुर: अभी तक आपने दूध की बनी रबड़ी खाई होगी. अलग-अलग तरीके से तैयार रबड़ी का स्वाद जरुर लिया होगा. हालांकि, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में मखाने से रबड़ी तैयार की जाती है. मखाने के साथ क्रीम, खोया और ड्राईफ्रूट्स का प्रयोग किया जाता है.
रबड़ी तैयार करने के लिए मखाने को भिगोकर रखने के बाद दूध में मिलाकर पकाया जाता है, जिसके बाद खोया, ड्राइफ्रूट्स आदि मिलाकर तैयार किया जाता है. बाजार में 40 रुपये का 100 ग्राम रबड़ी की बिक्री होती है और स्वाद के दीवानों की भीड़ लगती है.
मखाने की रबड़ी बनाने वाले ओम प्रकाश गोयल ने लोकल 18 से बताया कि मखाने की रबड़ी बनाने के लिए दो घंटे पहले साफ पानी में भीगा देते हैं. दो घंटे तक पानी में भीगने के बाद सारा गंदा पानी निकल जाता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
250 ग्राम मखाने की रबड़ी बनाने के लिए 10 लीटर दूध का इस्तेमाल होता है. 10 लीटर दूध लेकर उसे भट्ठी पर रख देते हैं. दूध को तेज आंच में पकाते हैं. दूध जब खौलने लगता है तो उसमें मखाना डालते हैं. मखाना भी दूध में जाने के बाद पूरी तरह गल जाता है, तो इसमें एक किलो मलाई मिलाते हैं.
ओम प्रकाश गोयल ने बताया कि मलाई डालने के बाद जब एकदम तैयार हो जाता है, तो उसमें आधा किलो चीनी मिलाते हैं. ज्यादा चीनी लोग पसंद नहीं करते हैं. चीनी मिलाने के बाद ठंडा होने के लिए रख देते हैं और ठंडा होने के बाद इलाइची पाउडर और बादाम इत्यादि मिलाते हैं और हम इसे पूरे शौक से बनाते हैं. इसमें थोड़ा क्रीम भी मिला देते हैं, खोए का भी प्रयोग करते हैं. वही खोया मिलाते हैं, जो घर पर बना हुआ रहता है. बाजार के खोए का प्रयोग नहीं करते हैं. शुद्ध दूध खरीदकर उसे खोया मिलाकर बनाते हैं. जब यह पूरी तरह तैयार हो जाता है तो इसकी बिक्री करते हैं.
ओम प्रकाश गोयल ने बताया कि 40 रुपये का 100 ग्राम रबड़ी देते हैं. शाम को 6 बजे दुकान लगती है और रात में 10.30 से 11 बजे तक दुकान खुली रहती है. जितना बनाते हैं, प्रतिदिन बिक्री हो जाती है. इसे खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.
स्वाद ऐसा रहता है कि जो एक बार खाकर जाता है, तो दोबारा खाने के लिए दुकान पर आता है. इसमें कोई अतिरिक्त सामान की मिलावट नहीं करते हैं. दूध और उससे बनी चीज और ड्राईफ्रूट्स मिलाते हैं.