Last Updated:
Purvi Champaran Famous Chhena Gaja: आपने मैदा का गाजा तो आजतक कई बार खाया होगा पर पूर्वी चंपारण में छेने का गाजा मिलता है, जिसका स्वाद बेमिसाल होता है. 300 रुपये किलो और 12 रुपये पीस मिलने वाली इस मिठाई का स्वाद लेने के लिए आपको इस दुकान पर आना पड़ेगा.
पूर्वी चंपारण/आदित्य गौरव: बिहार में कई तरह की मिठाइयां बनाई जाती हैं और बहुत से लोग मिठाई खाने के शौकीन भी होते हैं. आज हम बात करेंगे पूर्वी चंपारण की एक अनोखी मिठाई छेना के गाजा की, जो अरेराज के अलावा कहीं और आसानी से नहीं मिलती. आपने अक्सर शादी-विवाह जैसे मौकों पर पारंपरिक मिठाइयों को बनते देखा होगा, जिनमें गाजा भी शामिल है. यह मिठाई बेहद स्वादिष्ट होती है और बहुत से लोग इसे पसंद करते हैं. आमतौर पर गाजा मैदा से बनाया जाता है, लेकिन छेना का गाजा अपने आप में खास माना जाता है.
इस दुकान ने की छेना के गाजा की शुरुआत
बता दें कि पूर्वी चंपारण जिले में मौजूदा समय में बहुत से लोग छेना का गाजा बड़े चाव से खाते हैं. जब भी लोग अरेराज में सोमेश्वर महादेव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, तो छेना का गाजा जरूर खाते हैं और अपने परिवार के लिए भी लेकर जाते हैं. ग्रामीण बताते हैं कि पहले के समय में छेना का गाजा प्रचलन में नहीं था, लेकिन एक खास दुकान से इसकी शुरुआत हुई और लोग इसे बेहद पसंद कर रहे हैं.
1980 से बन रहा है
इस खास मिठाई की दुकान का नाम मां जगदम्बा मिष्ठान भंडार है, जो अरेराज के गोविंदपुर चौक पर स्थित है. होटल के मालिक से बातचीत में छेना के गाजा से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आईं. उन्होंने बताया कि उनकी मिठाई की दुकान काफी पुरानी है और उनके दादा नथुनी शाह ने 1980 में छेना का गाजा बनाना शुरू किया था.
इतनी है कीमत
दुकान संचालक सोनू कुमार ने बताया कि उनके दादा के समय गाजा को लोग काफी पसंद करते थे और एक-दूसरे के यहां लेकर जाते थे. उन्हें चिंता रहती थी कि कहीं छेना की मिठाइयों के बढ़ते प्रभाव में पारंपरिक गाजा का बाजार खराब न हो जाए. इसी वजह से उन्होंने छेना का गाजा बनाना शुरू किया और उनका यह प्रयोग सफल हो गया.
सोनू कुमार बताते हैं कि चंपारण में छेना का गाजा 300 रुपये किलो और 12 रुपये पीस मिलता है. उनके यहां इसकी मांग इतनी ज्यादा है कि रोजाना दो से ढाई क्विंटल दूध की जरूरत पड़ती है.
About the Author
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें