मार्केट से आप हर दिन कई तरह की खानेपीने की चीजें खरीदते हैं. कौन सा फूड कब एक्सपायर हो जाएगा, पैकेट पर भी लिखा होता है. उसी हिसाब से आप डेट देखकर कुछ भी लेते होंगे और जब बिना इस्तेमाल किए ही एक्सपायरी डेट आ जाती है, तो आप उसे फेंक देते हैं. क्या आप जानते हैं कि कुछ फूड्स ऐसे भी होते हैं, जो कभी भी खराब नहीं होते? उनका कोई भी एक्सपायरी डेट नहीं होता यानी का आप उन्हें सालों खा सकते हैं. आइए जानते हैं कौन-कौन से हैं वे फूड्स, जो हमेशा खाने लायक होते हैं.
फूड्स जो कभी नहीं होते खराब
शहद- टीओआई में छपी एक खबर के अनुसार, शहद एक ऐसा नेचुरल पदार्थ है, जो कभी खराब नहीं होता है. आप जानकर हैरान होंगे कि पुरातत्वविदों को प्राचीन मिस्र के मकबरे में शहद से भरे ऐसे बर्तन मिले हैं, जो हजारों साल बाद भी खाने योग्य पाए गए. शहद इसलिए लंबे समय तक खाने योग्य बना रहता है, क्योंकि इसमें नमी कम होती है, चीनी और नेचुरल एसिडिटी की मात्रा अधिक होती है. इन वजहों से एक ऐसा वातावरण डेवलप होता है, जिसमें बैक्टीरिया नहीं पनप पाते या जीवित रह पाते. बेशक, शहद जम जाता है, लेकिन जब आप इसे हल्का गुनगुना करेंगे तो ये फिर से लिक्विड बन जाता है.
चावल- जब आप चावल को एयरटाइट कंटेनर में सही तरीके से स्टोर करके रखें, इसमें नमी ना लगने दें, घुन और कीड़े ना लगें तो यह 10 साल तक भी सुरक्षित और खाने लायक बने रहते हैं. ब्राउन राइस में चोकर यानी ब्रान की लेयर में नेचुलर ऑयल मौजूद होते हैं, वे एक समय के साथ खराब होने लगते हैं, लेकिन सफेद चावल की जब प्रॉसेसिंग की जाती है, तो ये तेल हटा दिए जाते हैं. संभवत: इसी कारण से वाइट राइस अधिक दिनों तक सुरक्षित रहता है.
नमक- आप हर दिन नमक का इस्तेमाल भोजन में करते हैं, क्या आप जानते हैं कि ये नमक वर्षों ऐसे ही इस्तेमाल करने योग्य रहता है, ये कभी खराब नहीं होता, इसमें कीड़े नहीं लगते हैं? ऐसा इसलिए, क्योंकि ये खुद ही एक नेचुरल प्रिजर्वेटिव है. नमक की वजह से माइक्रोऑर्गेनिज्म जल्दी नहीं पनप पाते हैं. सेंधा नमक, रिफाइंड टेबल सॉल्ट, शुद्ध नमक में केमिकल तरीके से वर्षों इनमें कुछ बदलाव नहीं होता है. हां, नमी के कारण इनमें गांठें जरूर पड़ जाती हैं.
सूखी दालें- कुछ सूखी दालें, फलियां जैसे बीन्स, चने सही तरीके से ड्राई और ठंडी जगह पर स्टोर किया जाए तो ये कई साल तक खाने लायक रहते हैं. हालांकि, अधिक पुराना होने के कारण इनकी नमी खो सकती है, लेकिन ये खराब नहीं होते हैं.
चीनी- चीनी को भी यदि नमी से बचाकर रखा जाए तो ये नमक की ही तरह जल्दी नहीं खराब होती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसकी शेल्फ लाइफ भी लंबी होती है. टीओआई के अनुसार, चीनी में ऑस्मोटिक प्रेशर सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकता है. इसी वजह से प्राचीन समय से ही फलों से बनाए जाने वाले जैम, मुरब्बे या अन्य मीठे प्रिजर्व्ड फूड्स को लंबे समय तक खाने योग्य बनाए रखने के लिए चीनी का उपयोग किया जाता रहा है.
सिरका- सिरके में नेचुरल रूप से अम्लीयता (एसिडिटी) होती है, जिसके कारण लंबे समय तक वेनेगर सुरक्षित रहता है. ये जल्दी खराब नहीं होता है. सफेद सिरके, सेब से बने सिरका में कम pH लेवल होने से इसमें हानिकारक बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव जल्दी नहीं पनपते हैं, जिससे ये खराब नहीं होता है.
सोया सॉस- परंपरागत तरीके से बनाए गए सोया सॉस फर्मेंटेशन प्रॉसेस से गुजरते हैं. इसमें नमक की मात्रा काफी अधिक होती है. ये दोनों ही प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव की तरह काम करते हैं. सोया सॉस बिना फ्रिज में रखे भी कई साल तक सुरक्षित रह सकती है. हां, स्वाद की तीव्रता धीरे-धीरे बदल सकती है.
कॉफी बीन- कॉफी भी जल्दी खराब नहीं होती है. ताजी बनी ब्रू कॉफी का स्वाद भले जल्दी फाकी पड़ जाए, लेकिन इंस्टेंट कॉफी काफी समय तक सुरक्षित रहती है. फ्रीज़-ड्राइंग प्रॉसेस के कारण नमी निकल जाती है, जिससे बैक्टीरिया नहीं पनपते हैं. यदि कॉफी को सही तरह से सील करके रखे जाए तो ये कई साल तक चल सकती है. स्वाद और सुगंध में थोड़ा बदलाव हो सकता है.