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Karonda Launji Recipe: राजस्थानी व्यंजनों की बात हो और करौंदा लौंजी का जिक्र न आए, ऐसा संभव नहीं है. खट्टे-मीठे स्वाद का बेहतरीन संगम मानी जाने वाली टैंगी करौंदा लौंजी खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है. यह पारंपरिक राजस्थानी रेसिपी करौंदे, गुड़ या चीनी और चुनिंदा मसालों की मदद से तैयार की जाती है. इसकी खासियत इसका चटपटा, हल्का मीठा और खट्टा स्वाद है, जो रोटी, पराठे, पूरी या दाल-चावल के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है. करौंदा विटामिन-सी और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है, इसलिए यह स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. घर पर आसानी से बनने वाली यह लौंजी लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है.

Resipi Special: अभी चल रहे मौसम में कई तरह के अचार, लौंजी और चटनियां तैयार की जाती हैं. इन्हीं में एक है केवल इसी मौसम में मिलने वाले करौंदा से बनाने वाली खास लौंजी. एक बार बनाने के बाद लम्बे समय तक इसका स्वाद लिया जा सकता है. ऐसे में आज की हमारी रेसिपी स्पेशल इस खबर में हम आपको यह टैंगी करौंदा लौंजी बनाने की रेसिपी के बारे में बताएंगे. राजस्थानी अंदाज में बनाने वाला यह लौंजी बहुत स्वादिष्ट होता है.

फूड ब्लॉगर कल्पना शर्मा ने बताया कि टैंगी करौंदा लौंजी बनाना बहुत आसान है. इसे बनाने में अधिक समय नहीं लगता है. खाने में स्वादिष्ट यह लौंजी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. यह बच्चों से लेकर बड़ों तक को पसंद आती है. खास बात ये है कि टैंगी करौंदा लौंजी बनाने के लिए अधिक सामग्री की भी जरूरत नहीं पड़ती और अचार के मुकाबले जल्दी बन जाती है.

सामग्री: फूड ब्लॉगर कल्पना शर्मा ने बताया कि टैंगी करौंदा लौंजी बनाने के लिए करौंदा 200 ग्राम (दो भागों में कटे व बीज निकाले हुए), हरी मिर्च 4 से 6 (लंबाई में कटी हुई), सरसों का तेल 1 से 2 बड़े चम्मच, गुड़ या शक्कर- 1/2 कप या स्वादानुसार, पानी 1/4 कप, सौंफ 1 छोटा चम्मच, कलौंजी ½ छोटा चम्मच, जीरा 1/2 छोटा चम्मच, हींग ¼ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर ½ छोटा चम्मच, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर 1 छोटा चम्मच, धनिया पाउडर 1 छोटा चम्मच, काला नमक-1 छोटा चम्मच, स्वादानुसार सादा नमक की आवश्यकता होती है.

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रेसिपी: फूड ब्लॉगर के बताया टैंगी करौंदा लौंजी बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में आवश्यकतानुसार तेल गर्म करें. इसके बाद जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें जीरा, सौंफ, कलौंजी और चुटकीभर हींग डालकर धीमी आंच पर तड़काएं. फिर मसालों के तड़कने से उनकी सुगंध निकलने लगती है, जो लौंजी के स्वाद को और अधिक बढ़ा देती है. इस दौरान ध्यान रखें कि मसाले जलने न पाएं, इसलिए आंच धीमी ही रखें.

उन्होंने बताया कि इसके बाद तैयार तड़के में करीदे और बारीक कटी हुई हरी मिर्च डालें. इन्हें मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए लगभग 2 से 3 मिनट तक भूनें. फिर इस प्रक्रिया से करीदे थोड़े नरम होने लगते हैं और उनमें मसालों का स्वाद अच्छी तरह समा जाता है. इस कारण इसमें हरी मिर्च की हल्की तीखापन भी इस दौरान मिश्रण में घुलने लगता है.

अब कड़ाही में सभी सूखे मसाले डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद आवश्यक मात्रा में पानी और गुड़ डालें. मिश्रण को मध्यम आंच पर पकाते हुए लगातार चलाएं ताकि गुड़ पूरी तरह घुल जाए और मसाले समान रूप से मिल जाएं। जब मिश्रण में उबाल आने लगे, तब आंच धीमी कर दें और कड़ाही को ढककर पकने दें.

इसके बाद करीब 4 से 5 मिनट तक धीमी आंच पर पकाने के दौरान बीच-बीच में मिश्रण को चलाते रहें. जब करीदे पूरी तरह मुलायम हो जाएं और चाशनी हल्की गाढ़ी तथा चमकदार दिखाई देने लगे, तब गैस बंद कर दें. ध्यान रखें कि ठंडा होने पर लौंजी और अधिक गाढ़ी हो जाती है. पूरी तरह ठंडी होने के बाद इसे सूखे कांच के जार में भरकर फ्रिज में रखें, जहां यह लगभग 15 से 20 दिनों तक सुरक्षित रह सकती है.

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