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भारत के अलग-अलग राज्यों में ऐसी कई पारंपरिक रोटियां बनाई जाती हैं जो स्थानीय संस्कृति और खानपान का अहम हिस्सा हैं. इनमें से कुछ रोटियां आज भी ग्रामीण इलाकों में फेमस हैं, लेकिन इनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं.

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रोटियों के प्रकार.

भारत में रोटी सिर्फ गेहूं के आटे से बनने वाला भोजन नहीं है. देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय अनाज, मौसम और परंपराओं के अनुसार कई तरह की रोटियां बनाई जाती हैं. इनमें से कुछ रोटियां आज भी ग्रामीण इलाकों और पारंपरिक रसोई में लोकप्रिय हैं, लेकिन शहरी जीवनशैली के कारण इनके बारे में कम लोग जानते हैं. आइए जानते हैं भारत की 5 ऐसी खास रोटियों के बारे में जो अपनी अलग पहचान रखती हैं.

1. धिंडो रोटी (उत्तराखंड)
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मंडुवा यानी रागी से बनने वाली धिंडो रोटी काफी पुरानी परंपरा का हिस्सा है. यह रोटी पोषण से भरपूर मानी जाती है और ठंडे मौसम में शरीर को ऊर्जा देने के लिए खाई जाती है. स्थानीय लोग इसे घी, दाल या सब्जी के साथ खाना पसंद करते हैं.

2. ठेपला (गुजरात)
गुजरात का ठेपला भले ही कुछ लोगों ने सुना हो, लेकिन इसकी पारंपरिक किस्मों के बारे में कम लोग जानते हैं. मेथी, बाजरा या अन्य अनाज मिलाकर बनने वाला ठेपला लंबे समय तक खराब नहीं होता. यही वजह है कि यह यात्रा के दौरान भी पसंदीदा भोजन माना जाता है.

3. भाखरी (महाराष्ट्र)
महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों में भाखरी का विशेष महत्व है. यह ज्वार, बाजरा या चावल के आटे से बनाई जाती है. इसकी बनावट सामान्य रोटी से थोड़ी मोटी होती है और इसे ग्रामीण इलाकों में रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा माना जाता है.

4. अक्की रोटी (कर्नाटक)
कर्नाटक की अक्की रोटी चावल के आटे से बनाई जाती है. इसमें प्याज, हरी मिर्च और कुछ स्थानीय मसाले मिलाए जाते हैं. बाहर से हल्की कुरकुरी और अंदर से नरम यह रोटी नाश्ते और मुख्य भोजन दोनों में खाई जाती है. नारियल की चटनी के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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