Immunity boosting tribal recipes : बिना मिलावट और शुद्ध पोषण के मामले में भारतीय आदिवासी व्यंजनों (Tribal Cuisine) का कोई सानी नहीं है. प्रकृति के साए में रहने वाले हमारे आदिवासी समाज का पारंपरिक खान-पान न सिर्फ जुबान पर लाजवाब स्वाद घोलता है, बल्कि यह शरीर के लिए सेहत और इम्यूनिटी का असली पावरहाउस भी है. यही वजह है कि आज के दौर में लोग इन नेचुरल और पौष्टिक व्यंजनों को बेहद पसंद कर रहे हैं. आइए जानते हैं देश के जंगलों और गांवों से निकलकर इंटरनेट पर धूम मचाने वाली इन 3 आदिवासी रेसिपीज को घर पर आसानी से बनाने का बिल्कुल सही तरीका.
छत्तीसगढ़ के बस्तर और ओडिशा के मयूरभंज इलाके की यह लाल चींटी की चटनी (Kai Chutney) इन दिनों ग्लोबल फूड ट्रेंड बन चुकी है. ओडिशा की इस चटनी को देश का प्रतिष्ठित GI Tag भी मिल चुका है. यह प्रोटीन, आयरन और विटामिन B-12 का भंडार है.
सामग्री:
साफ की हुई लाल चींटियां और उनके अंडे – 1 कप
तीखी हरी मिर्च – 3 से 4
लहसुन की कलियां – 5-6
अदरक – 1 इंच टुकड़ा
हरा धनिया – आधा कप (बारीक कटा हुआ)
नमक – स्वादानुसार
बनाने की विधि:
-सबसे पहले चींटियों और उनके अंडों को अच्छी तरह साफ कर लें.
-पारंपरिक स्वाद के लिए सील-बट्टे पर (या मिक्सी के जार में) लाल चींटियों के साथ हरी मिर्च, लहसुन, अदरक और नमक डालें.
-इसे बिना पानी डाले दरदरा पीस लें.
-आखिर में बारीक कटा हरा धनिया मिलाकर मिक्स करें. आपकी तीखी, चटपटी और इम्यूनिटी बूस्टर चापड़ा चटनी तैयार है.
2.महुआ की पूरी या पुआ (सेंट्रल इंडिया का सुपरफूड)-
सामग्री:
सूखे महुआ के फूल – 1 कप
गेहूं का आटा – 2 कप
सौंफ – 1 छोटा चम्मच
घी या तेल – तलने के लिए
बनाने की विधि:
सूखे महुआ के फूलों को अच्छे से धोकर 2 घंटे के लिए पानी में भिगो दें.
अब इन्हें उसी पानी के साथ उबलने के लिए रख दें, जब तक कि फूल एकदम सॉफ्ट न हो जाएं.
उबले हुए महुआ को ठंडा करके मिक्सी में पीस लें और एक गाढ़ा मीठा पल्प (गूदा) तैयार कर लें.
एक परात में गेहूं का आटा लें, उसमें सौंफ और महुआ का पल्प डालें. (ध्यान रहे, इसमें अलग से चीनी या पानी डालने की जरूरत नहीं होती).
इसका एक सख्त आटा गूंथ लें और 10 मिनट के लिए ढककर छोड़ दें.
अब छोटी-छोटी लोइयां बनाकर पूरियां बेल लें और गरम तेल में सुनहरा होने तक डीप फ्राई करें. इसे आप अचार या खीर के साथ गरमा-गरम सर्व कर सकती हैं.
अगर आपको कुछ चटपटा और क्रिस्पी नाश्ता पसंद है, तो झारखंड का पारंपरिक आदिवासी स्नैक ‘धुस्का’ आपके लिए बेस्ट है. यह पचाने में बेहद आसान और प्रोटीन-कार्बोहाइड्रेट का परफेक्ट कॉम्बिनेशन है.
सामग्री:
अरवा चावल (कच्चा चावल) – 1 कप
चना दाल – आधा कप
उड़द दाल – 1/4 कप
हरी मिर्च – 2
अदरक – 1 इंच टुकड़ा
हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच
हींग – एक चुटकी
साबुत जीरा – 1 छोटा चम्मच
नमक – स्वादानुसार
तेल – तलने के लिए
बनाने की विधि:
-चावल, चना दाल और उड़द दाल को अच्छी तरह धोकर रातभर या कम से कम 5-6 घंटे के लिए भिगोकर रख दें.
-सुबह पानी छानकर, दाल-चावल को हरी मिर्च और अदरक के साथ मिक्सी में पीस लें. बैटर को थोड़ा गाढ़ा ही रखें (जैसे इडली का घोल होता है).
-इस घोल को एक बर्तन में निकालें और इसमें हल्दी, हींग, जीरा और नमक डालकर अच्छी तरह 4-5 मिनट तक फेंट लें ताकि यह फ्लफी हो जाए.
-कड़ाही में तेल गरम करें. एक कड़छी (Ladle) में बैटर भरकर गरम तेल के बीच में एक ही जगह पर धीरे से गिराएं.
-धुस्का अपने आप फूलकर ऊपर आ जाएगा. इसे दोनों तरफ से अलट-पलट कर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तल लें. इसे आलू-चने की रसीदार सब्जी के साथ परोसें.
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