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Famous Food and Recipe Of Mewar :मेवाड़ में मानसून पर ज्वार की खिचड़ी का चलन बढ़ा, भीलवाड़ा शाहपुरा की रिमझिम चौहान ने इसे आसान, पौष्टिक और पेट भरने वाला नाश्ता बताया, शहरों में भी तेजी से लोकप्रिय. भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा की रहने वाली रिमझिम चौहान बताती हैं कि नाश्ते की बात आते ही लोगों के मन में सबसे पहले पोहा, कचोरी और समोसे का ख्याल आता है, लेकिन इन्हें घर पर बनाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता.

भीलवाड़ा. बारिश का मौसम आते ही हर किसी का मन गर्म, हल्का और पौष्टिक खाना खाने का करता है. आमतौर पर लोग सुबह के नाश्ते में कचोरी, समोसा, पोहा या उपमा खाना पसंद करते हैं. ऐसे में अगर आप नाश्ते में कुछ अलग और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो मेवाड़ की पारंपरिक ज्वार की खिचड़ी एक शानदार विकल्प हो सकती है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. खास बात यह है कि इसे घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री से कम मेहनत और कम समय में तैयार किया जा सकता है.

मेवाड़ के कई गांवों में आज भी बारिश के दिनों में ज्वार की खिचड़ी नियमित रूप से बनाई जाती है और इसे देसी घी के साथ खाने का अलग ही आनंद होता है. अब यह रेसिपी शहरी क्षेत्रों में भी काफी पसंद की जाने लगी है. यही वजह है कि आजकल शहरों के कई घरों में भी यह नाश्ते का हिस्सा बन चुकी है. इसकी एक खास बात यह भी है कि सुबह इसका सेवन करने के बाद लंबे समय तक भूख महसूस नहीं होती.

ज्वार की खिचड़ी बनाने की आसान विधि
भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा की रहने वाली रिमझिम चौहान बताती हैं कि नाश्ते की बात आते ही लोगों के मन में सबसे पहले पोहा, कचोरी और समोसे का ख्याल आता है, लेकिन इन्हें घर पर बनाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता. ऐसे में ज्वार की खिचड़ी एक ऐसा विकल्प है, जिसे कम मेहनत में कोई भी घर पर तैयार कर सकता है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले ज्वार को अच्छी तरह साफ करके कुछ घंटों के लिए भिगो दें. इसके बाद कुकर में थोड़ा देसी घी गर्म करें और उसमें जीरा, हींग, बारीक कटी हरी मिर्च और थोड़ा अदरक डालकर हल्का भून लें. अब इसमें ज्वार के साथ स्वादानुसार नमक, हल्दी और चाहें तो थोड़ी मूंग दाल भी मिला दें. पर्याप्त पानी डालकर कुकर में तीन से चार सीटी आने तक पकाएं.

स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना
पकने के बाद खिचड़ी नरम और खुशबूदार हो जाती है. ऊपर से एक चम्मच देसी घी डालने से इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. इस खिचड़ी को दही, छाछ, लहसुन की चटनी, हरी धनिया की चटनी या घर के बने आम के अचार के साथ परोसा जा सकता है. कई लोग इसमें मौसमी सब्जियां भी मिलाते हैं, जिससे यह और अधिक पौष्टिक बन जाती है. ज्वार में भरपूर फाइबर, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं. यही कारण है कि मानसून के मौसम में इसे हल्के और संतुलित भोजन के रूप में काफी पसंद किया जाता है.

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Anand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



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