राजस्थान का नाम आते ही दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी और केर-सांगरी जैसे व्यंजन याद आते हैं. लेकिन यहां का खानपान इन मशहूर डिशेज तक ही सीमित नहीं है. राज्य के ग्रामीण इलाकों में आज भी कई पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं, जिनमें कढ़ी सोगरा का खास स्थान है. यह ऐसा भोजन है, जो सादगी, स्वाद और परंपरा का बेहतरीन मेल माना जाता है.

इस डिश में सोगरा यानी बाजरे की मोटी रोटी बनाई जाती है, जिसे गर्मागर्म खट्टी राजस्थानी कढ़ी के साथ परोसा जाता है. सर्दियों के मौसम में इसे खास तौर पर पसंद किया जाता है, लेकिन अब लोग इसे पूरे साल बनाकर खाना पसंद करते हैं.

क्या होता है सोगरा?
सोगरा, बाजरे के आटे से बनने वाली एक मोटी रोटी है. यह सामान्य रोटी से थोड़ी मोटी और हल्की कुरकुरी होती है. पारंपरिक तौर पर इसे मिट्टी के चूल्हे या तंदूर पर पकाया जाता था, लेकिन गैस तवे पर भी इसे आसानी से बनाया जा सकता है. बाजरा फाइबर, आयरन और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है, इसलिए यह रोटी स्वाद के साथ पोषण भी देती है.

कढ़ी सोगरा बनाने के लिए सामग्री
सोगरा के लिए 2 कप बाजरे का आटा
गुनगुना पानी
स्वादानुसार नमक
देसी घी (परोसने के लिए)
कढ़ी के लिए 2 कप खट्टा दही
2 बड़े चम्मच बेसन
4 कप पानी
1 छोटा चम्मच हल्दी

तड़के के लिए
1 बड़ा चम्मच घी 1 छोटा चम्मच जीरा ½ छोटा चम्मच राई चुटकीभर हींग 2 साबुत लाल मिर्च 8–10 करी पत्ते 1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक 2 बारीक कटी हरी मिर्च ऐसे बनाएं सोगरा

सबसे पहले बाजरे के आटे में नमक मिलाएं और गुनगुने पानी की मदद से नरम आटा गूंथ लें. अब इसकी बड़ी लोई बनाकर हाथों से थपथपाते हुए मोटी रोटी तैयार करें. तवे पर धीमी आंच पर दोनों तरफ अच्छी तरह सेंकें. चाहें तो सीधे आंच पर हल्का सा सेककर ऊपर से घी लगा दें.

ऐसे तैयार करें कढ़ी
एक बड़े बाउल में दही, बेसन, हल्दी और नमक डालकर अच्छी तरह फेंट लें ताकि गांठें न रहें. अब इसमें पानी मिलाकर पतला घोल तैयार करें.

एक पैन में घी गर्म करें. उसमें जीरा, राई, हींग, लाल मिर्च, करी पत्ता, अदरक और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें. अब दही-बेसन का घोल डाल दें और लगातार चलाते रहें. जब उबाल आने लगे, तब आंच धीमी कर दें और लगभग 20–25 मिनट तक पकाएं. इससे कढ़ी अच्छी तरह गाढ़ी हो जाएगी और उसका कच्चापन भी खत्म हो जाएगा.

परोसने का तरीका
गर्मागर्म सोगरा को हल्का तोड़कर प्लेट में रखें और उसके ऊपर या साथ में कढ़ी परोसें. ऊपर से थोड़ा देसी घी डाल दें. चाहें तो साथ में लहसुन की चटनी, हरी मिर्च या प्याज भी परोस सकते हैं. कढ़ी सोगरा सिर्फ एक पारंपरिक व्यंजन नहीं, बल्कि राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति की पहचान भी है.



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