Highlights
- आईफोन की जगह दाढ़ी बढ़ाने का तेल मिलने पर ग्राहक को बड़ी राहत मिली।
- फ्लिपकार्ट और विक्रेता को 1.81 लाख रुपये से ज्यादा के भुगतान का आदेश।
- आयोग ने कहा, शिकायत अनदेखी करना अनुचित व्यापार और सेवा में कमी।
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक अहम फैसले में ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट और उसके विक्रेता को एक ग्राहक को 1.81 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया है। ग्राहक ने ऑनलाइन ऐप के जरिए Apple iPhone 14 Pro मंगाया था, लेकिन पार्सल खोलने पर उसमें स्मार्टफोन की जगह दाढ़ी बढ़ाने का तेल और पैकिंग सामग्री निकली थी। मुंबई (उपनगरीय) जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की अतिरिक्त पीठ ने इस महीने दिए अपने आदेश में कहा कि ग्राहक की शिकायतों को बार-बार बिना कोई ठोस समाधान दिए बंद कर देना ‘अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस’ है।
‘कंपनी ऐसे अपनी जिम्मेदारी से अलग नहीं हो सकती’
आयोग ने कहा कि ग्राहक ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से पूरा भुगतान कर ऑर्डर किया था। इसलिए फ्लिपकार्ट की यह जिम्मेदारी थी कि ग्राहक को वही उत्पाद मिले, जिसका उसने ऑर्डर दिया था। साथ ही, ग्राहक की शिकायतों का प्रभावी समाधान करना भी कंपनी का दायित्व था। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि कोई भी ई-कॉमर्स कंपनी केवल बिक्री कराने के बाद अपनी जिम्मेदारी से अलग नहीं हो सकती, खासकर तब जब ग्राहक तुरंत यह शिकायत करे कि उसे पूरी तरह अलग प्रोडक्ट मिला है।
आयोग ने फ्लिपकार्ट और विक्रेता को ठहराया जिम्मेदार
आयोग ने कहा कि शिकायत की सही तरीके से जांच नहीं करना, गलत पार्सल वापस नहीं लेना, न तो नया उत्पाद देना और न ही पैसे लौटाना तथा बार-बार शिकायत को बिना समाधान के बंद कर देना सेवा में स्पष्ट कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार है। आयोग ने यह भी माना कि विक्रेता इंटरनेशनल वैल्यू रिटेल प्राइवेट लिमिटेड ने भी तय उत्पाद की डिलीवरी नहीं की और ग्राहक की बार-बार की गई शिकायतों का समाधान नहीं किया। इसलिए फ्लिपकार्ट और विक्रेता दोनों इस नुकसान और असुविधा के लिए संयुक्त रूप से जिम्मेदार हैं।
चार्जर-कवर मिला, पर आईफोन की जगह निकला तेल
मामले के अनुसार, मुंबई के पवई निवासी ग्राहक ने 22 अप्रैल 2023 को फ्लिपकार्ट से एपल आईफोन 14 प्रो (128 जीबी) 1,11,793 रुपये में नो-कॉस्ट ईएमआई योजना के तहत खरीदा था। ग्राहक द्वारा अलग से ऑर्डर किया गया चार्जर और मोबाइल कवर सही तरीके से पहुंच गया, लेकिन अगले दिन आए मुख्य पार्सल में आईफोन की जगह दाढ़ी बढ़ाने का तेल और पैकिंग सामग्री मिली। ग्राहक का कहना था कि अप्रैल से मई 2023 के बीच उसने कई बार फ्लिपकार्ट के कस्टमर सपोर्ट से संपर्क किया और मांगे गए सभी दस्तावेज भी जमा किए। इसके बावजूद कंपनी ने न तो पैसे लौटाए और न ही नया आईफोन भेजा।
पूरी रकम को 45 दिन के भीतर चुकाने का दिया आदेश
ग्राहक ने बताया कि समस्या का समाधान करने की बजाय कंपनी ने उल्टा उसकी शिकायत को बार-बार ‘समाधान हो गया’ बताकर बंद कर दिया। कंज्यूमर फोरम ने फ्लिपकार्ट और विक्रेता को आदेश दिया कि वे ग्राहक को 1,11,793 रुपये की पूरी राशि 22 अप्रैल 2023 से भुगतान होने तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाएं। इसके अलावा आयोग ने मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 50000 रुपये और मुकदमे का खर्च 20000 रुपये देने का भी आदेश दिया। यह पूरी रकम 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी।
एपल के खिलाफ शिकायत को अदालत ने किया खारिज
एपल इंडिया ने इस केस में अपने जवाब में कहा कि यह शिकायत उसके खिलाफ नहीं बनती, क्योंकि वह केवल स्वतंत्र डीलरों और विक्रेताओं के माध्यम से एपल प्रोडक्ट बेचती है। कंपनी का इन स्वतंत्र विक्रेताओं की डिलीवरी या ग्राहकों के प्रति उनकी जिम्मेदारियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। आयोग ने एपल इंडिया की इस दलील को स्वीकार करते हुए उसके खिलाफ शिकायत खारिज कर दी। आयोग ने कहा कि यह विवाद केवल गलत उत्पाद की डिलीवरी से जुड़ा है और ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो कि पैकिंग, पार्सल भेजने या सेवा में कथित कमी के लिए निर्माता कंपनी जिम्मेदार थी। (PTI से इनपुट्स के साथ)
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