प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने के मामले में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में कड़ा एक्शन लिया गया है। बेंगलुरु में पुलिस ने एक स्ट्रीट फूड वेंडर को गिरफ्तार किया है जिसपर PM मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है और कोर्ट आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
सामने आई जानकारी के मुताबिक, बानससवाड़ी पुलिस ने कम्मनहल्ली इलाके में एक स्ट्रीट फूड वेंडर को गिरफ्तार किया है। उस पर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक बातें लिखने और असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है। यह FIR 22 जुलाई को BJP की सर्वज्ञनगर विधानसभा क्षेत्र इकाई के अध्यक्ष अभिलाष रेड्डी की शिकायत पर दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी हडसन ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट (हैंडल: madonly_) पर प्रधानमंत्री का अपमान करने के लिए बेहद आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट किया और अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
जानकारी के अनुसार, आरोपी हडसन बेंगलुरु के कम्मनहल्ली इलाके में फुटपाथ पर ‘पांडियाज बिरयानी’ नाम का फूड स्टॉल चलाता है। पुलिस ने हडसन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196(1)(a) और धारा 352, साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 और 67 के तहत मामला दर्ज किया। उसे गुरुवार को गिरफ्तार किया गया, अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इधर पीएम मोदी ने छात्रों को दिया संदेश
दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक पर देश के करोड़ों छात्रों से इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए डायरेक्ट संवाद किया है। अपने मिडनाइट एक्शन में पीएम मोदी ने उन्हें ये भरोसा दिया है कि छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने आधी रात को एक वीडियो मैसेज जारी किया।इस वीडियो में क्लीयर मैसेज है कि पेपर लीक की समस्या को सरकार बहुत गंभीरता से लिया है। इसलिये अब ऐसा कानून बनाने की तैयारी है जो सिर्फ पेपर लीक के लिए होगा। पीएम ने इस मैसेज में कहा कि सरकार एक बहुत ही कठोर कानून के मसौदे को आज कैबिनेट की बैठक में रखने जा रही है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद इसे संसद में अगले हफ्ते पास करवाने की कोशिश की जाएगी। पीएम मोदी के मैसेज से साफ है कि नया कानून बहुत ही सख्त होने वाला है। पीएम मोदी के इस वीडियो मैसेज के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सोनम वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर थे। केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म किया। सरकार ने वांगचुक को भरोसा दिया है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई नहीं होगी। साथ ही सरकार सोनम की सभी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार करेगी।