नई दिल्लीः धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। प्रधान के इस्तीफे पर विपक्षी दलों की तरफ से बयान सामने आ रहे हैं। अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने छात्रों की तारीफ की है। कांग्रेस ने भी इसे युवा शक्ति और छात्रों की जीत बताया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी को युवाओं से माफ़ी मांगनी चाहिए और लाठी-पैलेट गन चलाने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करनी चाहिए।  

अखिलेश यादव बोले- यह युवा पीढ़ी की जीत

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर कहा, “यह नई पीढ़ी की एक बड़ी जीत है। सरकार को प्राइमरी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक हर चीज़ के बारे में बहुत गंभीरता से सोचना होगा। परीक्षा के पेपर लीक होने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। आज के दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया के ज़रिए और सड़कों पर फैला युवाओं का यह आंदोलन आखिरकार दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी को – जिसके अनगिनत सहयोगी हैं। झुकने पर मजबूर कर गया। यह युवाओं की एक बड़ी जीत है, लेकिन सभी राजनीतिक दलों के लोगों को इससे यह सीखना चाहिए कि भविष्य में परीक्षाओं की व्यवस्था को मज़बूत करना होगा ताकि कोई पेपर लीक न हो और युवाओं के लिए रोज़गार और नौकरियों के रास्ते खोलने होंगे।

इंकलाब की वजह से हुआ इस्तीफा

अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष की भी यही मांग थी कि छात्रा युवाओं की मांगे मानी जाए जिसमें सबसे पहली मांग थी कि मंत्री का इस्तीफा मांगा जाए, उसके लिए बहुत बधाई छात्र- नौजवानों को। यह जो इस्तीफा हुआ है वह इंकलाब की वजह से हुआ है। 

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर पूरे देश को बधाईः केजरीवाल

वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को सरकारी अहंकार पर एक निर्णायक जीत बताया और इसे देश के युवाओं और लोकतांत्रिक जवाबदेही के लिए एक अहम मोड़ कहा। एक्स हैंडल पर अरविंद केजरीवाल ने उन युवाओं और Gen Z एक्टिविस्ट्स को बधाई दी जिन्होंने इस आंदोलन का नेतृत्व किया। एक्स पर उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर पूरे देश को बधाई। यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है।

प्रियंका गांधी बोलीं- कांग्रेस हमेशा युवाओं के साथ

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही विरोध कर रहे छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी रही और उनकी मांगों का समर्थन किया। प्रधान के इस्तीफ़े को “सिर्फ़ शुरुआत” बताते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि वह इस नतीजे से सचमुच बहुत खुश हैं और उम्मीद जताई कि इस आंदोलन से शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव आएंगे। प्रियंका ने पिछले कई वर्षों से परीक्षा के पेपर लीक होने और शिक्षा में सुधार की ज़रूरत के मुद्दों को लगातार उठाने का श्रेय कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दिया। 

शरद पवार ने की युवाओं की तारीफ

वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देश में युवा शक्ति की एकजुटता और लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है। पवार ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार 28 दिनों तक युवाओं द्वारा दिखाया गया संघर्ष और दृढ़ संकल्प वास्तव में सराहनीय है। पवार ने एक बयान में कहा, ”प्रदर्शनकारियों की मांग के जवाब में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आखिरकार आज इस्तीफा दे दिया। अन्याय के खिलाफ बिना डरे और बिना झुके डटकर संघर्ष किया और सरकार को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए मजबूर किया। यह देश में युवा शक्ति की एकता की एक बड़ी जीत है।

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इनपुट- एएनआई





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