लंगर वाली दाल अपने गाढ़े स्वाद, मक्खनी टेक्सचर और देसी तड़के के लिए जानी जाती है. गुरुद्वारों में बनने वाली यह दाल सादगी के साथ पौष्टिकता का भी बेहतरीन उदाहरण है. इसे मुख्य रूप से साबुत उड़द दाल और चना दाल से तैयार किया जाता है, जिसे धीमी आंच पर लंबे समय तक पकाया जाता है. आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी.
सामग्री
साबुत उड़द दाल – 1 कप
चना दाल – ¼ कप
पानी – 5 से 6 कप
नमक – स्वादानुसार
हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच
अदरक – 1 इंच टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
तड़के के लिए
घी या मक्खन – 2 बड़े चम्मच
जीरा – 1 छोटा चम्मच
प्याज – 1 बड़ा (बारीक कटा हुआ)
टमाटर – 2 मध्यम (बारीक कटे हुए)
हरी मिर्च – 2 (बारीक कटी हुई)
लहसुन – 5-6 कलियां (कुटी हुई)
लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच
गरम मसाला – ½ छोटा चम्मच
हरा धनिया – सजाने के लिए
बनाने की विधि
1. दाल भिगोएं
साबुत उड़द दाल और चना दाल को अच्छी तरह धोकर 6 से 8 घंटे या रातभर के लिए पानी में भिगो दें. इससे दाल जल्दी पकती है और स्वाद भी बेहतर आता है.
2. दाल पकाएं
भीगी हुई दाल को कुकर में डालें. इसमें पानी, नमक, हल्दी और कद्दूकस किया हुआ अदरक मिलाएं. कुकर का ढक्कन बंद करके मध्यम आंच पर 6-7 सीटी आने तक पकाएं. इसके बाद धीमी आंच पर 15-20 मिनट और पकने दें.
कुकर का प्रेशर निकलने पर दाल को अच्छी तरह चलाएं. यदि दाल ज्यादा गाढ़ी लगे तो थोड़ा गर्म पानी मिला सकते हैं.
3. तड़का तैयार करें
एक कड़ाही में घी या मक्खन गर्म करें. इसमें जीरा डालकर चटकाएं. फिर लहसुन और हरी मिर्च डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें.
अब प्याज डालें और सुनहरा होने तक पकाएं. इसके बाद टमाटर डालकर नरम होने तक भूनें. फिर लाल मिर्च पाउडर और गरम मसाला डालकर मसाले को अच्छी तरह मिला लें.
4. दाल में मिलाएं
तैयार तड़के को पकी हुई दाल में डाल दें और अच्छी तरह मिला लें. अब दाल को धीमी आंच पर 15-20 मिनट तक उबलने दें. यही प्रक्रिया दाल को वह खास मलाईदार स्वाद देती है जो गुरुद्वारे की लंगर वाली दाल में मिलता है.
5. परोसें
तैयार दाल को हरे धनिये से सजाएं. ऊपर से थोड़ा मक्खन डालें और गरमा-गरम तंदूरी रोटी, नान या जीरा राइस के साथ परोसें.
स्वाद बढ़ाने के टिप्स
दाल को जितनी देर धीमी आंच पर पकाएंगे, स्वाद उतना ही बढ़ेगा.
धुएंदार स्वाद के लिए दाल में कोयले का धुआं भी दे सकते हैं.
मक्खन और घी का संतुलित इस्तेमाल दाल को अधिक स्वादिष्ट बनाता है.