भारतीय खाने में रायता एक ऐसा व्यंजन है जो स्वाद के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाता है. अगर आप साधारण बूंदी या खीरे के रायते से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो पालक रायता एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है. पालक में आयरन, फाइबर, कैल्शियम और विटामिन ए, सी तथा के प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि दही प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स का अच्छा स्रोत है. इन दोनों का मेल इस रायते को स्वाद और सेहत का डबल डोज बना देता है.
आवश्यक सामग्री
ताजा पालक – 2 कप (बारीक कटा हुआ)
दही – 2 कप
हरी मिर्च – 1 बारीक कटी हुई
भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच
काला नमक – ½ छोटा चम्मच
साधारण नमक – स्वादानुसार
लाल मिर्च पाउडर – ¼ छोटा चम्मच
तेल – 1 छोटा चम्मच
जीरा – ½ छोटा चम्मच
लहसुन – 2 कलियां (बारीक कटी हुई)
बनाने की विधि
1. पालक तैयार करें
सबसे पहले पालक की पत्तियों को अच्छी तरह धो लें ताकि उनमें मौजूद मिट्टी और धूल निकल जाए. इसके बाद पालक को बारीक काट लें.
2. पालक को भूनें
एक पैन में थोड़ा-सा तेल गर्म करें. इसमें जीरा डालकर चटकाएं. फिर लहसुन और हरी मिर्च डालकर हल्का भून लें. अब कटा हुआ पालक डालें और 2-3 मिनट तक पकाएं. पालक को ज्यादा न पकाएं, वरना उसका रंग और पोषण दोनों कम हो सकते हैं.
3. दही फेंटें
एक बड़े बाउल में दही को अच्छी तरह फेंट लें ताकि वह स्मूद हो जाए. इसमें काला नमक, साधारण नमक और भुना जीरा पाउडर मिलाएं.
4. पालक मिलाएं
जब भुना हुआ पालक ठंडा हो जाए तो उसे दही में डालकर अच्छी तरह मिला लें. सभी सामग्री को एकसार होने तक चलाएं.
5. अंतिम सजावट
ऊपर से थोड़ा भुना जीरा पाउडर और लाल मिर्च पाउडर छिड़कें. चाहें तो बारीक कटी धनिया पत्ती से भी सजा सकते हैं.
परोसने का तरीका
पालक रायता को पराठे, पुलाव, बिरयानी, खिचड़ी या साधारण दाल-चावल के साथ परोसा जा सकता है. गर्मियों में इसका ठंडा और ताजगीभरा स्वाद खाने का आनंद दोगुना कर देता है.
पालक रायता खाने के फायदे
शरीर को आयरन और कैल्शियम प्रदान करता है.
पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है.
गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाता है.
वजन नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है.
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है.
खास टिप्स
गाढ़े और ताजे दही का उपयोग करें.
पालक को ज्यादा न पकाएं.
स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से चाट मसाला भी डाल सकते हैं.
यदि बच्चों के लिए बना रहे हैं तो हरी मिर्च की मात्रा कम रखें.