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Arbi Patta Pakoda Recipe : बारिश की फुहार पड़ते ही चाय के साथ गरमा-गरम पकोड़ों की याद हर किसी को आने लगती है. अरबी के पत्तों के पकोड़े भी इस मौसम में खूब पसंद किए जाते हैं, लेकिन इन्हें खाने के बाद कई लोगों के गले में कांटे जैसी चुभन खुजली या जलन होने लगती है. आखिर ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है. लोकल 18 से रामपुर की रहने वाली चंद्रवती बताती हैं कि स्वादिष्ट पकोड़ों की शुरुआत सही पत्तों से होती है. हमेशा ताजे हरे और बड़े आकार के अरबी के पत्ते चुनें. पुराने रखे हुए, पीले या फटे हुए पत्तों से बचें. कच्चे या अधपके पत्ते खाने से कुछ लोगों को गले में खुजली या चुभन महसूस हो सकती है.
बरसात आते ही अरबी के पत्तों के पकोड़े खूब बनाए जाते हैं लेकिन कई लोगों की शिकायत रहती है कि इन्हें खाने के बाद गले में खुजली या कांटे जैसी चुभन होने लगती है. इसकी वजह पत्तों में मौजूद प्राकृतिक तत्व होते हैं लेकिन असली गलती पत्ते खरीदने और उन्हें घर लाकर तैयार करने के तरीके में होती है. अगर शुरुआत से ही सही तरीका अपनाया जाए तो इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है. आखिर वो तरीका क्या है, आइए जानते हैं.
चंद्रवती बताती हैं कि अरबी के पत्तों में प्राकृतिक रूप से ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो सही तरीके से तैयार न होने पर गले में चुभन या खुजली पैदा कर सकते हैं. ज्यादातर लोग बाजार से पत्ते लाकर सीधे इस्तेमाल कर लेते हैं. यही सबसे बड़ी गलती करते हैं. अगर शुरुआत से सही तरीका अपनाया जाए तो इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है. अब सवाल यह है कि पत्ते खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
स्वादिष्ट पकोड़ों की शुरुआत सही पत्तों से होती है. हमेशा ताजे हरे और बड़े आकार के अरबी के पत्ते चुनें. पुराने रखे हुए, पीले या फटे हुए पत्तों से बचें. घर लाने के बाद पत्तों को अच्छी तरह धोकर साफ करें और मोटी नसों को हल्का समतल कर दें या हल्का काट दें ताकि रोल आसानी से बन सके. कई लोग यह तैयारी नहीं करते, जिससे स्वाद और बनावट दोनों बिगड़ जाते हैं. अब जानते हैं बैटर तैयार करते समय क्या-क्या डालना चाहिए.
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अब बारी आती है बैटर तैयार करने की. एक बर्तन में बेसन लें और उसमें थोड़ा चावल का आटा मिलाएं ताकि पकोड़े ज्यादा कुरकुरे बनें. इसके साथ हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अजवाइन, जीरा, हींग और स्वादानुसार नमक डालें. अगर पत्तों को पहले अच्छी तरह स्टीम कर लिया जाए और बेसन में इमली का गूदा या नींबू का रस मिला दिया जाए तो काटें या चुभन जैसी परेशानी काफी कम हो सकती है. थोड़ी सी सावधानी आपके पसंदीदा पकौड़ों का मजा दोगुना कर सकती है.
सबसे पहले एक बड़ा पत्ता बिछाएं और उस पर बैटर की पतली परत फैलाएं फिर उसके ऊपर दूसरा पत्ता रखें और दोबारा बैटर लगाएं. इसी तरह तीन से चार पत्तों की परत बनाकर उन्हें कसकर रोल कर लें. अगर रोल ढीला रहेगा तो तलते समय खुल सकता है इसलिए इस स्टेप को आराम से करें.
रोल तैयार होने के बाद उसे सीधे तेल में नहीं डालना चाहिए. पहले उसे करीब 15 से 20 मिनट तक स्टीम करना जरूरी माना जाता है. इससे पत्ते अच्छी तरह पक जाते हैं और रोल भी मजबूत हो जाता है. ठंडा होने के बाद इसे गोल-गोल टुकड़ों में काटें. यह छोटा सा स्टेप पकोड़ों का स्वाद और बनावट दोनों बेहतर कर देता है.
पकोड़े तलते समय तेल अच्छी तरह गर्म होना चाहिए, लेकिन आंच बहुत तेज नहीं रखनी चाहिए. मध्यम आंच पर धीरे-धीरे तलने से पकोड़े बाहर से सुनहरे और कुरकुरे बनते हैं, जबकि अंदर तक अच्छी तरह पक जाते हैं. चाहें तो इन्हें कम तेल में शैलो फ्राई भी कर सकते हैं.
अरबी के पत्तों के पकोड़े स्वादिष्ट जरूर होते हैं लेकिन इन्हें हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए. कच्चे या अधपके पत्ते खाने से कुछ लोगों को गले में खुजली या चुभन महसूस हो सकती है. अगर पहले भी अरबी खाने के बाद ऐसी परेशानी हुई है तो पहली बार कम मात्रा में ही खाएं बच्चों और बुजुर्गों को भी अच्छी तरह पके हुए पकोड़े ही दें. सही तरीके से तैयार किए गए अरबी के पत्तों के पकोड़े स्वाद के साथ सुरक्षित भी माने जाते हैं.