Satvik Thali Sawan Special : सावन का महीना आते ही घरों में पूजा-पाठ, व्रत और सात्विक भोजन का महत्व बढ़ जाता है. इस दौरान ज्यादातर लोग प्याज और लहसुन से बने खाने से परहेज करते हैं और हल्का, पौष्टिक व पारंपरिक भोजन पसंद करते हैं. अगर आप भी रोज एक जैसा खाना बनाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार डिनर में एक ऐसी सात्विक थाली तैयार करें जो स्वाद, सेहत और परंपरा का बेहतरीन मेल हो. ऐसी थाली न सिर्फ परिवार को पसंद आएगी, बल्कि त्योहार जैसा एहसास भी देगी.
देसी घी से बनी मूंग दाल की खिचड़ी-
सात्विक भोजन की बात हो और मूंग दाल की खिचड़ी का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. देसी घी, जीरा और हल्के मसालों से बनी खिचड़ी पचने में आसान होती है और रात के खाने के लिए बेहतरीन विकल्प मानी जाती है.
मौसमी सब्जियां बढ़ाएंगी स्वाद-
सावन में लौकी, कद्दू, तोरी या आलू-टमाटर की सात्विक सब्जी थाली का हिस्सा बनाएं. हल्के मसालों और देसी घी के तड़के से बनी ये सब्जियां स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को जरूरी पोषण भी देती हैं.
मखाना और मूंगफली की सूखी सब्जी-
अगर थाली में कुछ अलग शामिल करना चाहते हैं, तो मखाना और हल्की भुनी मूंगफली से बनी सूखी डिश तैयार करें. यह प्रोटीन और ऊर्जा से भरपूर होती है और बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है.
मिस्सी रोटी या पूरी का रखें विकल्प-
गर्मागर्म फुल्के, तवे की रोटी या हल्की घी लगी मिस्सी रोटी सात्विक थाली के साथ अच्छी लगती है. अगर किसी खास अवसर पर थाली बना रहे हैं, तो छोटी-छोटी पूरियां भी परोस सकते हैं.
मखाना और मूंगफली से बढ़ाएं पोषण-
भुने हुए मखाने और हल्की मसालेदार मूंगफली को भी थाली में शामिल किया जा सकता है. यह स्वाद के साथ प्रोटीन और ऊर्जा का अच्छा स्रोत माने जाते हैं. चाहें तो मखाने की सूखी सब्जी भी बना सकते हैं.
मीठे में खीर या पंचामृत-
सावन की थाली मीठे के बिना अधूरी लगती है. मखाने की खीर, चावल की खीर या पंचामृत जैसे पारंपरिक व्यंजन भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ा देते हैं. इन्हें भगवान शिव को भोग लगाने के बाद प्रसाद के रूप में भी परोसा जा सकता है.
सलाद और चटनी से करें थाली पूरी-
खीरा, टमाटर, गाजर, नींबू और हरी धनिया की चटनी थाली को रंगीन और पौष्टिक बनाते हैं. साथ में थोड़ा सा घर का बना अचार भी रखा जा सकता है, ताकि खाने का स्वाद और बढ़ जाए.
ऐसे सजाएं सात्विक थाली-
अगर थाली को खास लुक देना चाहते हैं, तो स्टील या पीतल की थाली में सभी व्यंजन अलग-अलग कटोरियों में परोसें. ऊपर से हरे धनिये की गार्निश करें और साथ में देसी घी की छोटी कटोरी रखें. इससे थाली देखने में भी आकर्षक लगेगी और खाने का आनंद भी दोगुना हो जाएगा.
सावन का महीना केवल व्रत और पूजा का ही नहीं, बल्कि परिवार के साथ बैठकर सात्विक और घर का बना स्वादिष्ट भोजन खाने का भी अवसर है. इसलिए इस बार डिनर में पारंपरिक सात्विक थाली तैयार करें और अपने प्रियजनों के साथ स्वाद, सेहत और संस्कृति का आनंद लें.