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जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित GC डेयरी पिछले 60 साल से अपने खास देसी मक्खन की टिक्की के लिए मशहूर है. केसर, इलायची और ड्राई फ्रूट्स से तैयार इस लज़ीज़ मक्खन का स्वाद पत्ते पर परोसा जाता है. रोज़ाना सैकड़ों लोग और देश-विदेश के नामचीन शेफ भी इस अनोखे जायके का स्वाद लेने यहां पहुंचते हैं.

जयपुर. गुलाबी नगरी अपनी ऐतिहासिक इमारतों और किलों महलों के लिए जितना मशहूर हैं, उतना ही अपने स्वादिष्ट जायके के लिए मशहूर हैं. चाहें जायका तीखा-चटपटा हो या मिठा या फिर और कोई अन्य जायका लोगों को जयपुर का हर स्वाद खूब पसंद आता हैं. ऐसे ही जयपुर में पत्ते पर देसी मक्खन का ऐसा स्वाद जिसके लिए लोग एक छोटी सी डेयरी पर भीड़ लगाए खड़े रहते हैं. देसी मक्खन का यह जायका सिर्फ चारदीवारी बाजार स्थित चौड़ा रास्ता की GC डेरी पर मिलता हैं, जो जयपुर की एकमात्र ऐसी अनोखी डेरी हैं. लोकल-18 ने GC डेरी पर पहुंच कर इस खास मक्खन के जायके को लेकर बात की तो दुकान के मालिक ओम शर्मा बताते हैं की GC डेरी की शुरुआत 1965 में उनके दादाजी गुलाम चंद्र ने की थी, और वह तीसरी पीढ़ी के हैं जो अपने दादाजी के मक्खन के जायके को आगे बढ़ा रहा हैं.

ओम शर्मा का बताते हैं कि अक्सर शहर में रहने वाले लोग गांव के शुद्ध मक्खन का स्वाद वैसे नहीं ले पाते हैं इसलिए वह शुद्ध देसी मक्खन की तलाश में रहते हैं. मेरे दादाजी ने ऐसे लोगों के लिए GC डेरी पर ख़ासतौर पर गाय और भैंस के दूध से तैयार होने वाले सादा मक्खन के जायके की शुरुआत की, जो लोगों को खूब पंसद आया और आज तक हमारे यहां लोग मक्खन के टुकड़े का स्वाद लेने के लिए आते हैं. ओम शर्मा का कहना हैं की पूरे जयपुर में इस प्रकार के मक्खन के खास जायके का स्वाद लोगों को कहीं नहीं मिलता, इसलिए लोग बस सुबह से ही हमारी छोटी दुकान खुलने का इन्तज़ार करते हैं.

कैसे तैयार होता हैं मक्खन का खास ज़ायका 
लोकल-18 से बात करते हुए ओम शर्मा बताते हैं की GC डेरी पर मक्खन के टुकड़े का स्वाद ही उनकी खास पहचान हैं, अगर बात करें इस खास मक्खन के जायके की तो हमारे दादाजी ने सामान्य रूप से जो दूध से मक्खन बनने की प्रकिया होती हैं, जिसमें फटे हुए दूध को बिलौकर मक्खन बनता हैं. वैसे ही इस मक्खन के जायके को तैयार किया और बस उसी मक्खन को एक टुकड़े का आकार देकर और कुछ ड्राइफ्रूट्स के साथ इस जायके को लोकप्रिय बना दिया. हमारे मक्खन के इस जायके में मक्खन के साथ केसर, इलायची से तैयार किया जाता हैं, जिससे मक्खन का स्वाद और भी लाजवाब हो जाता हैं. हमारे यहां जो भी ग्राहक आते हैं उन्हें हम खासतौर पर एक खास पत्ते पर मक्खन के टुकड़े को रखकर ग्राहकों को सर्व करते हैं. जिसका स्वाद लोग चलते फिरते ले लेते हैं, शर्मा बताते हैं की हमारे यहां रोजाना 15 से 20 किलों मक्खन तैयार किया जाता हैं, जिससे 500 मक्खन की टिक्की तैयार होती हैं और लोग पूरे मक्खन को चट कर जाते हैं.

दुनियाभर के बड़े-बड़े शेफ कर चुके हमारे जायके की तारिफ 
आपको बता दें, जयपुर के चारदीवारी बाजार में स्थित एक छोटी सी डेरी जो अपने डेरी प्रोडक्ट्स के साथ मक्खन के खास जायके के लिए इतनी फेमस हैं की यहां बड़ी-बड़ी नामचीन हस्तियों से लेकर दुनियाभर के शेफ भी यहां पहुंचकर मक्खन के टुकड़े के का स्वाद ले चुके हैं. शर्मा बताते हैं जाने-माने शेफ रणबीर बरार से लेकर गैरी मेगन तक यहां इस खास जायके की तारिफ कर चुके हैं, शर्मा बताते हैं दादाजी ने सिर्फ मक्खन के टुकड़े के जायके की शुरूआत की जिसके बाद मैंने यहां स्पेशल श्रीखंड, लस्सी, रबड़ी, मक्खन सैंडविच और दूध से तैयार होने वाले खास प्रोडक्ट्स तैयार किए जिसका स्वाद लोगों को खूब पंसद हैं. जयपुर में घूमने आने वाले पर्यटक हो या स्थानीय लोग यहां दूध से बने खास प्रोडक्ट्स का स्वाद लेने ही आते हैं. शर्मा बताते हैं कि जब शुरुआत में दादाजी ने इस मक्खन के जायके की शुरुआत की थी तो मक्खन के टुकड़े की कीमत कुछ पैसे हुआ करती थी लेकिन अब हमारे यहां दो प्रकार के मक्खन के टुकड़े हैं जिसके एक सफेद और एक पीला जिसकी कीमत 25 रूपए हैं.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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