Sabudana Khichdi Recipe: सावन का महीना आते ही कई घरों में व्रत और उपवास का सिलसिला शुरू हो जाता है. इन दिनों साबूदाना खिचड़ी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली डिश मानी जाती है, क्योंकि यह हल्की भी होती है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है. लेकिन अक्सर सबसे बड़ी परेशानी तब होती है जब अचानक साबूदाना खिचड़ी बनाने का मन हो जाए और याद आए कि साबूदाना तो भिगोया ही नहीं गया. आमतौर पर साबूदाना को कई घंटे पहले पानी में भिगोकर रखना पड़ता है, तभी उसकी खिचड़ी अच्छी बनती है. अगर ऐसा न किया जाए तो दाने या तो कच्चे रह जाते हैं या फिर पूरी तरह चिपक जाते हैं. हालांकि अब एक आसान तरीका सामने आया है, जिसकी मदद से बिना घंटों भिगोए भी स्वादिष्ट और खिली-खिली साबूदाना खिचड़ी बनाई जा सकती है.

इस तरीके में प्रेशर कुकर का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे साबूदाना जल्दी पक जाता है. इसके बाद कुछ आसान स्टेप अपनाकर दानों को अलग-अलग किया जाता है और फिर मसालों के साथ हल्का सा भूनकर स्वादिष्ट खिचड़ी तैयार की जाती है. आइए जानते हैं पूरी विधि.

बिना भिगोए भी बन सकती है साबूदाना खिचड़ी
अगर आप साबूदाना भिगोना भूल गए हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. इस तरीके में साबूदाना को सीधे धोकर स्टीम किया जाता है. इससे वह धीरे-धीरे पकता है और बाद में सही तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है. यह तरीका खास तौर पर तब काम आता है जब समय कम हो.

सबसे पहले करें साबूदाना तैयार
सबसे पहले साबूदाना को दो से तीन बार साफ पानी से धो लें ताकि उसमें मौजूद अतिरिक्त स्टार्च निकल जाए. पानी पूरी तरह निकालने के बाद साबूदाना को एक स्टील के डिब्बे में डालें. इसमें थोड़ा सा देसी घी, स्वादानुसार सेंधा नमक, चुटकी भर चीनी और बहुत थोड़ा पानी मिलाकर हल्का सा चला दें.

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कुकर में ऐसे करें स्टीम
अब एक प्रेशर कुकर में थोड़ा पानी डालें. उसके अंदर साबूदाने वाला बंद डिब्बा रखें. साथ में दो साबुत आलू भी रख सकते हैं ताकि वे भी एक साथ उबल जाएं. कुकर का ढक्कन बंद करके मध्यम आंच पर तीन सीटी आने तक पकाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें और प्रेशर अपने आप निकलने दें.

ठंडे पानी की यह ट्रिक है सबसे खास
कुकर खोलने के बाद साबूदाना थोड़ा चिपचिपा दिखाई दे सकता है. इसे छलनी में निकालें और ऊपर से ठंडा पानी डालकर हल्के हाथ से धो लें. इससे साबूदाने के दाने अलग-अलग हो जाते हैं और खिचड़ी बनाते समय चिपकते नहीं हैं.

अब तैयार करें स्वादिष्ट तड़का
एक कड़ाही या कुकर में थोड़ा देसी घी गर्म करें. इसमें जीरा डालें. फिर बारीक कटी हरी मिर्च और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालकर हल्का भून लें. अगर व्रत में टमाटर खाते हैं तो बारीक कटा टमाटर भी डाल सकते हैं और उसे नरम होने तक पकाएं.

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साबूदाना और आलू मिलाकर बनाएं खिचड़ी
अब तड़के में उबले हुए आलू के छोटे-छोटे टुकड़े डालें. इसके बाद तैयार साबूदाना मिलाएं. ऊपर से सेंधा नमक, चुटकी भर चीनी, दरदरी काली मिर्च और भुनी हुई मूंगफली डालें. सभी चीजों को हल्के हाथ से मिलाएं ताकि साबूदाना टूटे नहीं.

आखिर में ऐसे बढ़ाएं स्वाद
गैस बंद करने से पहले ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और थोड़ा सा नींबू का रस डालें. चाहें तो थोड़ा भुना जीरा पाउडर भी छिड़क सकते हैं. इससे खिचड़ी का स्वाद और भी बढ़ जाता है.

इन बातों का रखें ध्यान
साबूदाना को बहुत ज्यादा पानी में न पकाएं. स्टीम होने के बाद ठंडे पानी से धोना इस तरीके का सबसे जरूरी हिस्सा है. मूंगफली को पहले से भूनकर रखने से उसका स्वाद ज्यादा अच्छा आता है. खिचड़ी को ज्यादा देर तक न चलाएं, वरना दाने टूट सकते हैं.

व्रत में क्यों है अच्छी पसंद?
साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत माना जाता है और व्रत के दौरान शरीर को जल्दी ऊर्जा देने में मदद करता है. जब इसमें मूंगफली, आलू और देसी घी मिलाया जाता है तो यह ज्यादा संतुलित और स्वादिष्ट बन जाती है. हालांकि इसे संतुलित मात्रा में ही खाना बेहतर रहता है.



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