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Pedakiya Recipe: त्योहारों और खास अवसरों पर पारंपरिक मिठाइयों का अपना एक अलग ही महत्व होता है, जिनमें चाशनी वाली रसीली और खस्ता पीड़िकिया हर किसी की पहली पसंद होती है. इस पारंपरिक मिठाई को बनाने के अनुभवी हलवाई सीताराम साह बताते हैं कि इसकी शुरुआत उत्तम गुणवत्ता वाले मैदे को सही तरीके से गूंथने से होती है. मैदे में मोयन के रूप में घी, डालडा या रिफाइन मिलाकर गरम पानी की मदद से इसे सख्त और बढ़िया गूंथा जाता है, जिससे पीड़िकिया की बाहरी परत बेहद खस्ता और कुरकुरी बनती है.
गूंथे हुए मैदे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर उन्हें बेला जाता है और फिर उनके अंदर यह मावा और मेवों का मिश्रण भरकर किनारियों को मोड़ते हुए सुंदर आकार दिया जाता है. इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण इन्हें तलने का होता है.
जिसके लिए तेल या घी को धीमी आंच पर हल्का गरम किया जाता है. जब तेल में हल्के बुलबुले उठने लगें, तब पीड़िकिया को उसमें डालकर धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तला जाता है, ताकि यह अंदर तक अच्छी तरह पक सके.
अंत में एक तार की चाशनी तैयार की जाती है और तली हुई गरम-गरम पीड़िकिया को उसमें 2 से 3 मिनट के लिए डुबोकर निकाला जाता है. जो लोग कम मीठा पसंद करते हैं, वे इसे बिना चाशनी के सूखा भी खा सकते हैं,
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जबकि ज्यादा मीठा पसंद करने वालों के लिए चाशनी में डूबी रसीली पीड़िकिया परोसी जाती है. सीताराम साह की बताई इस आसान और पारंपरिक विधि से आप भी घर पर ही बाजार जैसी स्वादिष्ट और रसीली पीड़िकिया बनाकर सबका दिल जीत सकते हैं.