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Baghelkhand Desi Laddoos Recipe: बघेलखंडी स्वाद की मिठास अगर घर की रसोई में उतर आए तो बात ही अलग है. देसी घी, आटा, गोंद और मेवों से बनने वाली यह पारंपरिक मिठाई स्वाद के साथ अपनी देसी खुशबू के लिए भी खास है. जानिए इसे बनाने का आसान तरीका और किन चीजों से बढ़ता है इसका स्वाद.
सतना: अगर आपको घर की बनी मिठाई पसंद है और उसमें बघेलखंडी स्वाद का देसी तड़का भी चाहिए तो आटे और मेवे के ये लड्डू एक बेहतरीन विकल्प हैं. देसी घी, आटा, गोंद, काजू-बादाम, मखाने, चिरौंजी और सोंठ जैसी चीजों से तैयार होने वाले ये लड्डू स्वाद के साथ पारंपरिक मिठास का भी अहसास कराते हैं. खास बात यह है कि इन्हें बनाने के लिए किसी खास मशीन या बहुत ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं पड़ती.
लोकल 18 को जानकारी देते हुए स्थानीय निवासी अंजलि चतुर्वेदी ने बताया कि बघेलखंडी स्टाइल में आटे और मेवे के लड्डू घर पर आसानी से बनाए जा सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले एक भारी तले की कढ़ाई लें और उसमें पर्याप्त मात्रा में देसी घी गर्म करें. ध्यान रखें कि घी बहुत तेज गर्म न हो क्योंकि आगे गोंद और मेवों को इसी में भूनना है. सबसे पहले घी में गोंद डालें और धीमी आंच पर इसे अच्छी तरह फूलने दें. गोंद फूलकर हल्का कुरकुरा हो जाए तो इसे कढ़ाई से निकालकर अलग रख दें. अब इसी घी में काजू, बादाम, मखाने और चिरौंजी डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. ध्यान रखें कि मेवों को ज्यादा तेज आंच पर न भूनें वरना उनका स्वाद कड़वा हो सकता है.
मेवों को दरदरा पीसना है जरूरी
भुने हुए मेवों को एक प्लेट में निकालकर थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद काजू, बादाम और मखाने को मिक्सर में बहुत बारीक पाउडर बनाने के बजाय हल्का दरदरा पीसें. इससे लड्डू खाते समय मेवों का स्वाद और हल्का कुरकुरा पन बना रहता है. स्वाद को और खास बनाने के लिए इसमें बारीक कटे हुए खजूर और छुहारे भी मिलाए जाते हैं. इसके अलावा जरूरत के हिसाब से थोड़ा पीसा हुआ काजू-बादाम भी डाला जा सकता है.
आटे को धीमी आंच पर भूनना सबसे जरूरी
अब कढ़ाई में बचे हुए घी में आटा डालें. यहां सबसे जरूरी बात यह है कि आटे को तेज आंच पर बिल्कुल न भूनें. इसे लगातार चलाते हुए धीमी आंच पर पकाएं. आटा धीरे-धीरे अपना रंग बदलेगा और हल्का सुनहरा या भूरा होने लगेगा. जब आटे से सोंधी खुशबू आने लगे और उसका कच्चापन पूरी तरह खत्म हो जाए तो समझिए आटा अच्छी तरह भुन चुका है. आटा भूनने में थोड़ा समय लग सकता है लेकिन जल्दबाजी न करें. अच्छी तरह भुना हुआ आटा ही लड्डुओं का स्वाद बढ़ाता है.
सोंठ और इलायची से आएगा बघेलखंडी स्वाद
आटा अच्छी तरह भुन जाने के बाद इसमें सोंठ पाउडर और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला दें. सोंठ इस पारंपरिक लड्डू के स्वाद को अलग पहचान देती है. इसके बाद भुने हुए मेवे और कुटा हुआ गोंद भी इसमें डाल दें. मिक्सचर को थोड़ा ठंडा होने दें. जब यह हल्का गुनगुना रह जाए तभी इसमें पिसी हुई चीनी डालें. ध्यान रखें कि बहुत गर्म आटे में चीनी डालने से वह पिघल सकती है और मिश्रण का टेक्सचर खराब हो सकता है.
ऐसे बांधें गोल-गोल लड्डू
अब सभी चीजों को हाथों से अच्छी तरह मिलाएं. मिश्रण को मुट्ठी में दबाकर देखें. अगर यह आसानी से बंध रहा है तो लड्डू बनाने के लिए तैयार है. अगर मिश्रण ज्यादा सूखा लग रहा हो तो थोड़ा-थोड़ा गुनगुना देसी घी डालकर दोबारा मिलाएं. अब अपनी पसंद के आकार के छोटे या मध्यम लड्डू बना लें. तैयार लड्डुओं को कुछ देर खुली प्लेट में रख दें ताकि वे अच्छी तरह सेट हो जाएं.
सही तरीके से रखें तो लंबे समय तक चलेंगे
इन लड्डुओं को साफ और पूरी तरह सूखे एयर टाइट डिब्बे में भरकर रखना चाहिए. सामान्य तापमान पर इन्हें करीब 2 से 3 महीने तक रखा जा सकता है. बशर्ते इनमें नमी न जाए और इन्हें निकालने के लिए हमेशा सूखे चम्मच या हाथ का इस्तेमाल किया जाए. ज्यादा लंबे समय तक रखना हो तो इन्हें फ्रिज में रखा जा सकता है. देसी घी, मेवे, गोंद और सोंठ से तैयार ये लड्डू बघेलखंड के पारंपरिक स्वाद को घर तक पहुंचाने का आसान तरीका हैं. बाजार की मिठाई खरीदने के बजाय घर पर इन्हें बनाकर आप अपनी पसंद के मेवे और मिठास के हिसाब से सामग्री भी कम-ज्यादा कर सकते हैं.
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