सिरसा: हरियाणा के सिरसा जिले के देसूजोधा गांव में 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। इनमें ज़्यादातर बच्चे और युवा शामिल हैं। ये सभी लोग हेपेटाइटिस A की वजह से बीमार हुए हैं। बताया जा रहा है कि ऐसा इलाके में दूषित पीने का पानी सप्लाई होने की वजह से हुआ। जानकारी के मुताबिक दो लड़कियां मलकीत सिंह की बेटी 21 साल की प्रभजोत और कुलदीप सिंह की बेटी 18 साल की प्रीत कौर की हालत गंभीर है। उनका इलाज क्रमशः एम्स बठिंडा और डीएमसी लुधियाना में वेंटिलेटर पर चल रहा है। इनके अलावा जसमीत कौर, हरप्रीत कौर, गोपी, मनप्रीत कौर, राजकरण और गुरनूर समेत कई अन्य लोगों का इलाज सिरसा, डबवाली, बठिंडा, लुधियाना और रामा मंडी के अस्पतालों में चल रहा है।

पाइपलाइन में लीकेज की शिकायत

गांव के सरपंच चरणजीत सिंह और अन्य निवासियों के अनुसार, नई बिछाई गई पाइपलाइनों में लीकेज होने के कारण गांव के वॉटरवर्क्स से दूषित पानी की सप्लाई हुई। निवासियों का आरोप है कि पुरानी पानी की पाइपलाइनों को बदलने का काम चल रहा है और लीकेज की वजह से घरों में सप्लाई होने वाला पीने का पानी दूषित हो गया। पिछले एक हफ़्ते में बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई। बाद में मेडिकल जांच से पता चला कि कई मरीज हेपेटाइटिस A से पीड़ित थे, जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया। गांव वालों ने साफ पीने का पानी सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था।

स्वास्थ्य विभाग ने लिए सैंपल

स्वास्थ्य विभाग ने पिछले पांच दिनों में गांव के 540 लोगों के सैंपल लिए हैं। इनमें से 216 संदिग्ध मामले पाए गए, जबकि 45 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। भर्ती किए गए 45 मरीजों में से दो बच्चे 5 साल तक की उम्र के हैं, 26 मरीज 18 साल तक की उम्र के हैं और 17 मरीज 60 साल तक की उम्र के हैं। इन मरीजों में 30 पुरुष और 15 महिलाएं शामिल हैं। हालात का जायजा लेने के लिए जिला प्रशासन की एक टीम ने शनिवार को देसूजोधा का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उन्हें साफ पीने का पानी मुहैया कराया जाएगा, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा और प्रभावित मरीजों के इलाज का खर्च प्रशासन उठाएगा।

हेपेटाइटिस A होने की पुष्टि

CMO ने बताया कि मरीजों में हेपेटाइटिस A की पुष्टि हुई है और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। हेपेटाइटिस A आमतौर पर दूषित खाने या पानी से फैलता है। निवासियों को सलाह दी गई है कि वे पीने के पानी को उबालकर पिएं और साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखें। पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के SDO विशाल जियानी ने बताया कि गांव में पीने के पानी की पुरानी पाइपलाइन बदलने का काम चल रहा है और उम्मीद है कि यह काम 10 दिनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बीमारी फैलने की वजह दूषित पानी हो सकता है और जहां भी पाइपलाइन में लीकेज का पता चला है, वहां मरम्मत का काम किया जा रहा है।

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