मध्य प्रदेश की मोहन सरकार युवाओं यानी Gen Z को साधने और उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ने के लिए एक नई योजना लेकर आई है। राज्य सरकार द्वारा ‘भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना’ की शुरुआत की जा रही है, जिसके तहत ऑनलाइन प्रतियोगिता में सफल रहने वाले 102 विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। हालांकि, इस योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है।
छात्रवृत्ति योजना पर आरिफ मसूद का बयान
इसे लेकर कांग्रेस के मुस्लिम विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि तमाम धर्म के महापुरुषों के बारे में स्कॉलरशिप होती, तो हम स्वागत करते हैं। इस्लाम धर्म के मौलाना और धर्म गुरुओं की कुर्बानी की फेहरिस्त बहुत लंबी है, जिसका बीजेपी मुकाबला भी नहीं कर सकती।
“Gen Z की उम्र में भगवान श्रीकृष्ण ने बड़े-बड़े काम किए”
वहीं, श्री कृष्णा पाथेय न्यास के CEO श्रीराम तिवारी ने कहा, “Gen Z की उम्र में 12 साल में भगवान श्रीकृष्ण ने बड़े-बड़े काम किए थे, इसलिए हम ‘श्री कृष्णा मेधावी छात्रवृत्ति योजना’ लेकर आए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण दुनिया के सबसे बड़े Gen Z हैं। आधुनिक Gen Z की भाषा में बात करें तो जब श्रीकृष्ण मथुरा में थे, तब उन्होंने बड़े-बड़े कारनामे किए। पूतना का वध, गोवर्धन पर्वत उठाना, कालिया नाग का मर्दन और कंस को पराजित करने जैसे विषय Gen Z के भाव में उन्होंने खेल-खेल में कर दिए। श्रीकृष्ण ने अपनी ये सारी गतिविधियां 11 साल की उम्र में कीं और उसके बाद वे उज्जैन पढ़ने आए। Gen Z की शुरुआती उम्र 12 साल मानी जाती है, और उस उम्र में वे 14 विद्याओं और 64 कलाओं में दक्ष हो चुके थे।
योजना के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 9वीं कक्षा से लेकर पीएचडी तक के Gen Z युवाओं को विद्यार्जन के लिए 1 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप दी जाएगी। इसके लिए 500 सवालों का एक क्वेश्चन बैंक तैयार किया जाएगा, जिसमें से 30 सवालों के जवाब देने होंगे। चयनित 102 बच्चों का सिलेक्शन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिसके लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा और पोर्टल पर ओटीपी के जरिए छात्र इसमें शामिल हो सकेंगे।
भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें जीना सिखाता है: कैलाश सारंग
मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा, “श्री कृष्णा छात्रवृत्ति योजना से युवाओं को आगे बढ़ाने की शिक्षा मिलेगी और इससे छात्र हमारी संस्कृति व सनातन दर्शन से जुड़ेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें जीना सिखाता है। जिस देश की संस्कृति और विरासत मजबूत होगी, वही युवाओं को सही दिशा दिखाएगी।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इसी बात से आपत्ति है। कांग्रेस ने हमेशा इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा और संस्कृति को खत्म करने का प्रयास किया है। कांग्रेस ने राम मंदिर का विरोध किया, सनातन दर्शन के खिलाफ बयान दिए और रामसेतु के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस ने अकबर को महान बताया, जबकि औरंगजेब, जिसने हजारों मंदिरों को तोड़ा, वह उनके लिए पूजनीय है।
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