मुंबई: शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सांसदों की मुलाकात को लेकर तंज कसा। आदित्य ठाकरे ने कहा कि हम छोटे लोग हैं, हम तो सिर्फ बीएमसी कमिश्नर से मिलते हैं। हमारी पहुंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

आदित्य ठाकरे ने परिसीमन के मुद्दे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सांसदों की संख्या बढ़ाने से आखिर क्या हासिल होगा? उन्होंने पूछा कि देश में बेरोजगारी की जो समस्या है, क्या सांसदों की संख्या बढ़ाने से बेरोजगारी कम हो जाएगी?

बीएमसी टैब खरीदने के प्रस्ताव पर छिड़े विवाद पर भी बोले आदित्य

बीएमसी में टैब खरीदने के प्रस्ताव पर भी आदित्य ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब हम सत्ता में थे, तब छात्रों और स्कूलों के लिए टैब खरीदे गए थे। लेकिन अब बीएमसी और मुंबई के लोगों के टैक्स के पैसे का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए किया जा रहा है।

आदित्य ठाकरे ने कहा कि पहले गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव आया, फिर बंगले के रिनोवेशन पर खर्च किया गया और अब संभावित पार्षदों और विभिन्न समितियों के प्रमुखों के लिए टैब खरीदने की तैयारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये टैब स्कूल के बच्चों के लिए नहीं, बल्कि अपने इस्तेमाल के लिए खरीदे जा रहे हैं। इसलिए शिवसेना यूबीटी इसका विरोध करेगी।

बीजेपी तिरंगा रैली और वंदे मातरम् पर क्या बोले आदित्य?

बीजेपी की तिरंगा रैली और वंदे मातरम् को लेकर भी आदित्य ठाकरे ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी को कम से कम अब आजादी के बाद तिरंगे की याद आई, यह अच्छी बात है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि बीजेपी के लोग कहते हैं कि अगर मदरसों में वंदे मातरम् नहीं गाया जाएगा तो मदरसों को बंद कर दो लेकिन जब वंदे मातरम् को लेकर बिल सदन में आया था, तब प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सदन में मौजूद नहीं थे। 

आदित्य ठाकरे ने सवाल किया कि क्या यह वंदे मातरम् का अपमान नहीं है?

इससे पहले आदित्य ठाकरे तब भड़के थे, जब वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर ने औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया था। तब आदित्य ने कहा था कि यह ‘ऑपरेशन टाइगर’ नहीं, बल्कि ‘ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस’ है। 

ये भी पढ़ें-

आदित्य ठाकरे उद्धव शिवसेना के “अभिषेक बनर्जी” हैं, UBT में बगावत पर भाजपा नेता का तंज

 





Source link

Write A Comment