बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सनी देओल ने हाल ही में अपने करियर के उस सबसे चुनौतीपूर्ण दौर पर खुलकर बात की है, जब वे भारी वित्तीय संकट से गुजर रहे थे। अपने निर्देशन और निर्माण में बनी फिल्मों के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के कारण उन पर लगभग 55.99 करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ गया था। स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि उनके मुंबई स्थित प्रतिष्ठित जुहू बंगले के लिए बैंक द्वारा ई-नीलामी का नोटिस तक जारी कर दिया गया था। इसके बावजूद अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी पैसों को अपनी जिंदगी और प्राथमिकताओं पर हावी नहीं होने दिया और इस कठिन समय में भी उन्होंने अपना मानसिक संतुलन बनाए रखा।
ई-नीलामी का नोटिस और कर्ज की वास्तविक स्थिति
साल 2023 में जब सनी देओल की फिल्म ‘गदर 2’ सिनेमाघरों में जबरदस्त कमाई कर रही थी, ठीक उसी समय एक बैंक ने बकाया राशि और ब्याज की वसूली के लिए उनके जुहू स्थित विला को ई-नीलामी में डालने का विज्ञापन जारी किया था। हालांकि बाद में अभिनेता द्वारा बकाए के भुगतान पर सहमति जताने के बाद बैंक ने इस नोटिस को वापस ले लिया था। एक शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में इस विषय पर स्पष्टीकरण देते हुए सनी ने बताया कि यह कर्ज उनका व्यक्तिगत वित्तीय दायित्व था और उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष से पैसे उधार नहीं लिए थे। उन्होंने कहा कि यह उनका अपना फैसला था और वे अपनी संपत्तियों को बेचकर इस देनदारी को चुकाने के लिए पूरी तरह सक्षम थे।
फिल्म निर्माण और निर्देशन से लगा वित्तीय झटका
सनी देओल पर यह वित्तीय बोझ मुख्य रूप से उनके द्वारा निर्देशित और निर्मित फिल्मों के असफल होने के कारण आया था। उन्होंने वर्ष 2016 में आई फिल्म ‘घायल रिटर्न्स’ के निर्माण के दौरान यह लोन लिया था, जिसमें उन्होंने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन का जिम्मा भी संभाला था। इससे पहले उन्होंने 1999 में अपने भाई बॉबी देओल के साथ फिल्म ‘दिल्लगी’ का निर्देशन किया था और बाद में 2019 में अपने बेटे करण देओल को लॉन्च करने के लिए ‘पल पल दिल के पास’ का निर्देशन किया। दुर्भाग्य से ये तीनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर व्यावसायिक रूप से सफल नहीं हो सकीं, जिससे अभिनेता को गहरा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
2001 की ऐतिहासिक सफलताएं और बॉलीवुड का बदलता दौर
अपने करियर के स्वर्णिम काल को याद करते हुए सनी देओल ने वर्ष 2001 का जिक्र किया, जब उनकी फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर लगभग ₹77 करोड़ की बंपर कमाई की थी। उसी वर्ष उनकी एक और फिल्म ‘इंडियन’ भी रिलीज हुई थी, जिसने भारत में करीब ₹43 करोड़ का कलेक्शन किया था। अभिनेता के अनुसार ‘इंडियन’ ने उस दौर की अन्य चर्चित फिल्मों की तुलना में कहीं बेहतर व्यावसायिक प्रदर्शन किया था। हालांकि, इस अपार सफलता के बाद भारतीय फिल्म उद्योग में कॉरपोरेट स्टूडियो का आगमन हुआ और सिनेमा बनाने का तरीका बदलने लगा। इस बदलाव के बाद सनी को सही पटकथाएं और सही निर्देशक मिलने बंद हो गए, जिससे उनका करियर प्रभावित हुआ।
विवादों का असर और मौजूदा सिनेमाई सफर
करियर में आए उतार-चढ़ाव के पीछे सनी देओल ने 2005 में आई अपनी फिल्म ‘जो बोले सो निहाल’ से जुड़े विवादों और विरोध प्रदर्शनों को भी एक बड़ा कारण माना। इन घटनाओं ने उनके पेशेवर जीवन की दिशा को काफी हद तक प्रभावित किया। वर्तमान समय की बात करें तो सनी देओल एक बार फिर बड़े पर्दे पर सक्रिय हैं। वे हाल ही में भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में नजर आए हैं, जिसमें उनके साथ प्रीति जिंटा, अली फजल, शबाना आजमी और करण देओल मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म सिनेमाघरों में अपनी अलग छाप छोड़ रही है।