रवींद्र जडेजा से भारत बनाम श्रीलंका पहले टेस्ट के चौथे दिन एक बड़ी मिस्टेक हो गई। जो टीम पर भारी पड़ सकती है। अब एक ही दिन का खेल और बचा है, इस दौरान भारत को श्रीलंका के छह विकेट गिराने होंगे, तभी जीत मिलेगी। इस बीच श्रीलंका के लिए लक्ष्य आसान नहीं है। फिलहाल ऐसा तो नहीं लगता कि टीम इंडिया इस मैच को हार जाएगी, बस इतना जरूर है कि अगर श्रीलंका ने कमबैक किया तो मैच बराबरी पर जरूर खत्म हो सकता है।
रवींद्र जडेजा की नो बॉल पर आउट हो गए थे धनंंजय डिसिल्वा
भारत बनाम श्रीलंका पहले टेस्ट मैच में जब श्रीलंका की दूसरी पारी का आगाज हुआ तो जल्दी जल्दी कुछ विकेट गिर गए। श्रीलंका ने 15 ओवर में तीन विकेट पर 55 रन बना लिए थे। इसी बीच 16वां ओवर रवींद्र जडेजा लेकर आए। इसी 16वें ओवर की आखिरी बॉल पर उनके सामने धनंजय डिसिल्वा थे। ये गेंद अंदर की तरफ आई, गेंद इतनी घुमी कि डिसिल्वा के बैट का बाहरी किनारा लेकर स्लिप में खड़े केएल राहुल के पास पहुंच गई। उन्होंने कैच लिया और खुशी से झूम उठे। जडेजा और पूरी टीम भी जश्न मनाने लगी, लेकिन तभी आवाज आई और अंपायर ने बताया कि ये नो बॉल है।
चौथे दिन का खेल खत्म होने तक आउट नहीं हुए धनंजय
दरअसल रवींद्र जडेजा ने ओवरस्टेप कर दिया था। इसका का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। जब ये सब कुछ हुआ, तब धनंजय डिसिल्वा केवल सात रन ही बना सके थे। जब चौथे दिन का खेल खत्म हुआ, तब तक वे आउट नहीं हुए थे। वे अभी तक 31 रन बनाकर खेल रहे थे। अब वे आखिरी दिन खेलने उतरेंगे और अपनी टीम को हारने से बचाने की कोशिश जरूर करेंगे।
साल 2021 से लेकर अब तक 84 नो बॉल डाल चुके हैं रवींद्र जडेजा
जडेजा की नो बॉल करने की यह बीमारी नई नहीं है। आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो पता चलता है कि साल 2021 से लेकर अब तक उन्होंने बतौर स्पिनर सबसे ज्यादा नो बॉल डाली हैं। वे इस दरम्यान 84 नो बॉल डाल चुके हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर पाकिस्तान के नोमान अली हैं, जिन्होंने 40 नो बॉल डाली हैं। यानी पहले और दूसरे नंबर के गेंदबाज के बीच अच्छा खासा अंतर है। कम से कम स्पिनर ये उम्मीद नहीं की जाती कि वो टेस्ट क्रिकेट में इतनी ज्यादा नो बॉल डालेगा। लेकिन जडेजा यही काम बार बार कर रहे हैं।
आखिरी दिन टीम इंडिया को जीत के लिए चाहिए छह विकेट
जब चौथे दिन का खेल खत्म हुआ, तब तक श्रीलंका ने अपनी दूसरी पारी में 84 रन पर चार विकेट खो दिए थे। यानी अब आखिरी दिन जहां एक ओर टीम इंडिया को छह विकेट चाहिए, वहीं श्रीलंका को अगर जीत दर्ज करनी है तो उसे 288 रन और बनाने होंगे। श्रीलंका की टीम अब तक टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में केवल दो ही बार आखिरी पारी में 350 से अधिक रन बनाने में कामयाब रही है। क्या इस बार भी टीम कुछ ऐसा ही करिश्मा कर पाएगी, ये देखना होगा।
यह भी पढ़ें
ऐसा इंटरनेशनल डेब्यू किसी का भी ना हो, बीच मैच में आया खिलाड़ी, फिर हो गया गोल्डन डक का शिकार
क्या आखिरी दिन जीत पाएगी टीम इंडिया, श्रीलंका ने कितनी बार चेज किया है 350 से अधिक का टारगेट