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Sultanpur News: सफेद या काला चावल तो आपने देखा होगा, लेकिन क्या आपने कभी भूरे रंग का चावल देखा है? सुल्तानपुर समेत पूरे अवध क्षेत्र में भाद्रपद माह के छठवीं तिथि को यह चावल महिलाओं के लिए खाना अनिवार्य होता है. आइए इस चावल और इसके गुणों के बारे में आपको बताते हैं.

सुल्तानपुर: आपने सफेद रंग का चावल देखा होगा, काले रंग का चावल देखा होगा. लेकिन आज हम आपको बताने वाले हैं एक भूरे रंग के चावल के बारे में, जिसे पसई या पसाढ़ी का चावल कहा जाता है. इस चावल के पौधे की सबसे खास बात यह है कि इसकी ना तो बुवाई होती है और ना ही रोपाई होती है, बल्कि यह अपने आप खाली जगह पर उगता है. सुल्तानपुर समेत पूरे अवध क्षेत्र में भाद्रपद माह के छठवीं तिथि को यह चावल महिलाओं के लिए खाना अनिवार्य होता है. खासकर उनको जो छठी माता की पूजा करती हैं. आज हम जानेंगे क्या है पसाढ़ी चावल का महत्व और महिलाएं इसको क्यों अनिवार्य रूप से खाती हैं.

यह‌ है मान्यता
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले की रहने वाली महिला पुष्पा देवी लोकल 18 से बताती हैं कि पसाढ़ी का चावल भाद्र पद की छठवीं तिथि को महिलाओं द्वारा किए जाने वाले छठ माता के पूजन में किया जाता है. इसमें पसाढ़ी चावल के अलावा अन्य कोई भी चावल महिलाएं नहीं खाती हैं. इस अनोखी मान्यता के पीछे की वजह है कि जिन महिलाओं को पुत्र की प्राप्ति हुई होती है, वह महिलाएं पसाढ़ी के चावल पकाकर को खाती हैं.

इस चावल के खाने के पीछे एक मान्यता यह भी है कि इस चावल को गाय के घी के साथ नहीं खाया जाता, बल्कि इसको भैंस के घी के साथ उबालकर खाया जाता है. इसके साथ ही महुआ और करमवा का साग भी इसके साथ खाया जा सकता है. लेकिन इस दिन गाय के घी का इस्तेमाल इस चावल के साथ नहीं किया जाता.

स्वास्थ्य में है लाभदायक
वहीं मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर संतोष कुमार श्रीवास्तव लोकल 18 से बताते हैं कि अगर आप वजन कम करने की कोशिश में हैं, तो पसई का चावल आपके लिए नेचुरल हेल्पर साबित हो सकता है. यह न सिर्फ हल्का होता है, बल्कि लंबे समय तक पेट भरा रखता है, यानी बार-बार भूख लगने की समस्या से छुटकारा और मोटापे पर कंट्रोल करता है.

पसई के चावल में मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में मिलता है. यही वजह है कि यह हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाता है. यदि इसका सेवश रोजाना डाइट में किया जाए तो हमारी हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

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