महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक हो गया। शव को सड़क पर रखकर कानपुर-प्रयागराज हाईवे जाम कर रहे लोगों को समझाने पहुंची पुलिस टीम पर पथराव किया गया, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। अब इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लेखपाल समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने 23 लोगों को नामजद करते हुए 30 से 40 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
घटना चकेरी थाना क्षेत्र की है। शेखपुर गांव निवासी 32 साल की माला की शादी करीब आठ साल पहले लालूखेड़ा निवासी मुन्ना निषाद से हुई थी। दंपती के दो बच्चे हैं। शनिवार को माला की तबीयत खराब होने पर उसके रिश्तेदार शनि उसे दवा दिलाने के बाद दोपहर में ससुराल छोड़कर गए थे। परिजनों के अनुसार, करीब एक घंटे बाद माला के पति ने फोन कर बताया कि उसने फंदा लगाकर जान दे दी है।
सूचना पर मायके पक्ष के लोग ससुराल पहुंचे, जहां माला का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। रविवार शाम पोस्टमॉर्टम के बाद जब मायके पक्ष के लोग शव लेकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में ससुराल पक्ष से उनका विवाद हो गया। मायके वालों का आरोप था कि महिला की मौत के मामले में ससुराल पक्ष के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। इसी आक्रोश में लोगों ने चकेरी एयरपोर्ट के पास कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया।
समझाने पहुंची पुलिस से नोकझोंक
हाईवे पर यातायात ठप होने की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। पथराव में चकेरी इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्र, महाराजपुर इंस्पेक्टर जनार्दन सिंह और अहिरवां चौकी प्रभारी राजवीर सिंह घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर एडीसीपी शिवा सिंह, चकेरी एसीपी आशुतोष सिंह समेत चार थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अतिरिक्त फोर्स ने स्थिति संभाली और हाईवे से भीड़ को हटाकर यातायात बहाल कराया।
लेखपाल समेत 7 आरोपी गिरफ्तार
अहिरवां चौकी प्रभारी की तहरीर पर पुलिस ने हत्या के प्रयास, बलवा, सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से रोकने और सार्वजनिक मार्ग बाधित करने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। कार्रवाई करते हुए बिल्हौर में तैनात लेखपाल अंबुज कुमार, सौरभ, लवकुश, दीपू निषाद, मृतका के भाई कैलाश कुमार और दो महिलाओं गीता व शांति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
मृतका के ससुराल पक्ष पर भी FIR
दूसरी ओर, मृतका के मायके पक्ष की शिकायत पर उसके पति समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है। अब वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाकी आरोपियों की पहचान की जा रही है।
(रिपोर्ट: अनुराग श्रीवास्तव)
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