आपको याद होगा, कुछ दिनों पहले तक एथेनॉल की खूब चर्चा थी. सोशल मीडिया पर जमकर बहस चल रही थी. इसी बीच पीएम मोदी ने लाल क‍िले से द‍िमागी नक्‍सल का ज‍िक्र छेड़ द‍िया, ज‍िस पर भी खूब बातें हुईं. लेकिन असली महफ‍िल GDP ने लूट ली.

इकॉनमी के मोर्चे पर आए GDP के 7.8% ग्रोथ के आंकड़े ने सिर्फ एक्सपर्ट्स और बाजार का ध्यान ही नहीं खींचा, बल्कि Google पर भी अपनी धाक जमा दी. पिछले कुछ दिनों में देश में जिन मुद्दों पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही थी, उनमें एथेनॉल, E20 और दिमागी नक्सल जैसे टॉपिक शामिल थे. लेकिन जैसे ही GDP के आंकड़े आए, सर्च की दुनिया में तस्वीर बदल गई.

गूगल पर कुछ इस तरह तीनों टॉप‍िक्‍स को सर्च क‍िया गया.

क्‍या कह रहे ये आंकड़े

Google Trends के आंकड़ों के मुताबिक 7 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में GDP का ऑनलाइन सर्च इंटरेस्ट एथेनॉल, E20 और दिमागी नक्सल से लगातार ज्यादा रहा. यानी जिस GDP को लेकर टीवी स्टूडियो से लेकर सोशल मीडिया तक बहस छिड़ी थी, उसकी गूंज अब लोगों की Google सर्च में भी सुनाई दे रही है.

7.8% का आंकड़ा आया और GDP छा गया

भारत की अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.8% की तेज ग्रोथ दर्ज की. यह आंकड़ा ऐसे समय आया है जब दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं सुस्ती, महंगाई और व्यापारिक तनाव जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं.

GDP के आंकड़े सामने आते ही इसके मायने, गणना और भारत की आर्थिक रफ्तार को लेकर चर्चा शुरू हो गई. आम लोगों के बीच भी यह जानने की दिलचस्पी बढ़ी कि आखिर 7.8% GDP ग्रोथ का मतलब क्या है और इसका उनकी जेब पर क्या असर पड़ेगा? यही वजह है कि Google पर GDP की सर्च तेजी से बढ़ती दिखाई दी.

एथेनॉल और E20 की भी खूब चर्चा

पिछले दिनों E20 पेट्रोल और एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर भी काफी बहस हुई. पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने से लेकर गाड़ियों के माइलेज और इंजन पर संभावित असर तक कई सवाल लोगों के बीच चर्चा में रहे. दूसरी तरफ ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर भी राजनीतिक और सोशल मीडिया बहस तेज रही. लेकिन Google Trends के आंकड़े बताते हैं कि इन चर्चित मुद्दों के बीच GDP की सर्च दिलचस्पी ज्यादा बनी रही.

यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है. Google Trends में किसी शब्द की सर्च इंटरेस्ट का मतलब यह नहीं है कि उस शब्द को लोगों ने कुल कितनी बार सर्च किया. यह अलग-अलग समय और टॉपिक के बीच सापेक्ष लोकप्रियता को दिखाता है.

आखिर GDP में लोगों की दिलचस्पी क्यों बढ़ी?

GDP यानी व‍िकास दर किसी देश में एक तय अवधि के दौरान तैयार होने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कुल आर्थिक वैल्यू को मापने का एक प्रमुख पैमाना है. जब GDP की ग्रोथ तेज होती है तो आम तौर पर इसे अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत के तौर पर देखा जाता है. इसका असर निवेश, कंपनियों के कारोबार, रोजगार और सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी पड़ सकता है. इसलिए GDP का आंकड़ा सिर्फ अर्थशास्त्रियों के लिए मायने नहीं रखता. नौकरी करने वाले से लेकर कारोबारी, निवेशक और शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले व्यक्ति तक, सभी के लिए इसका महत्व है.

Google Search में GDP का ट्रेंड क्या बताता है?

GDP की सर्च में उछाल को एक तरह से यह संकेत माना जा सकता है कि आर्थिक आंकड़ों ने आम लोगों का ध्यान खींचा है. खासकर तब, जब 7.8% की ग्रोथ को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आंकड़ों की व्याख्या को लेकर बहस हो रही हो और बाजार भी आर्थिक रफ्तार पर नजर रख रहा हो.

यानी मामला सिर्फ इतना नहीं है कि GDP बढ़ी या नहीं बढ़ी. अब लोगों की दिलचस्पी यह समझने में भी है कि इतनी तेज ग्रोथ आई कहां से, इसका फायदा किसे मिलेगा और आगे अर्थव्यवस्था की रफ्तार कैसी रह सकती है.



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