धनबाद: अगर आप कुंवारे हैं और सुंदर दुल्हन का ख्वाब देख रहे हैं तो जरा सावधान हो जाइए। यूपी से लेकर हरियाणा और बिहार से लेकर बंगाल तक ‘लुटेरी दुल्हन’ का गैंग सक्रिय है, जो पहले लोगों को सुंदर लड़कियों की तस्वीर दिखाकर शादी कराता है और फिर दुल्हन सपरिवार बाहरी राज्य से आए दूल्हे और उसके परिवार से लूटपाट कर फरार हो जाता है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला झारखंड के धनबाद जिले के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां कल एक सुंदर ‘लुटेरी दुल्हन’ काजल की काली करतूत का शिकार गुल्लू नट बन गया।
फोन पर तय हुआ था रिश्ता
राजस्थान के अलवर जिले के बगडतराय गांव के रहने वाले श्याम नट अपने बेटे गुल्लू की शादी के सिलसिले में पत्नी और भाई के साथ बरवाअड्डा आए थे, जहां पहले से मौजूद लड़की पक्ष के लोग इंतजार कर रहे थे। पीड़ित परिवार के अनुसार, पिछले 10 दिनों से लड़की पक्ष की एक महिला फोन कर अपनी लड़की (काजल) की शादी की बात कर रही थी और बात तय होने पर सोमवार को लड़का पक्ष बरवाअड्डा पहुंचा।
पैसे लिए, कपड़े और गहने खरीदवाए
विवाह तय होने के एवज में श्याम नट के परिवार ने लड़की के परिजनों को 40,000 रुपये फोन-पे पर ट्रांसफर किए और एक स्थान पर रस्म के तहत सिंदूरदान भी संपन्न कराया गया। शादी की रस्मों के बाद लड़की पक्ष के लोग वर पक्ष को टुंडी रोड स्थित एक कपड़ा दुकान से 70,000 रुपये की खरीदारी करवाने ले गए और लाखों रुपये के चांदी-सोने के गहने भी खरीदवाए गए।
सुनसान इलाके में ले जाकर मारपीट की
खरीदारी पूरी होते ही लड़की पक्ष का व्यवहार अचानक बदल गया। ठगों ने दूल्हा और उसके परिजनों को झांसा देकर नेशनल हाईवे के सुनसान इलाके में ले गए, जहां उनके साथ जमकर मारपीट की गई और दूल्हे के पिता श्याम का मोबाइल छीन लिया गया। इसके बाद काजल समेत पूरा गैंग नौ दो ग्यारह हो गया।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद भयभीत पीड़ित परिवार बरवाअड्डा थाना पहुंचा और अपनी आपबीती सुनाई। पीड़ित पक्ष ने साक्ष्य के तौर पर कपड़ा दुकान से मिली हजारों रुपये की खरीदारी की रसीदें पुलिस को दिखाईं, जिन पर दुकान का नाम दर्ज था। बरवाअड्डा थाना पुलिस खरीदारी के बिल और पीड़ित पक्ष के बयान के आधार पर मामले की छानबीन और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
इलाके में ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग एक्टिव
स्थानीय स्तर पर इस वारदात ने दहशत फैला दी है, खासकर उन परिवारों में जो बाहर से दूल्हा-दुल्हन की तलाश में आते हैं। क्षेत्र में ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग की सक्रियता की बात सामने आई है, जो अक्सर अंतरराज्यीय नेटवर्क पर काम करते हैं और पीड़ितों को डरा-धमकाकर चुप रहने पर मजबूर कर देते हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे गिरोह पहले भरोसा जीतने के लिए छोटी-मोटी रस्में भी निभा लेते हैं, ताकि पीड़ित पक्ष को लगे कि सब कुछ वैध है। बरवाअड्डा मामले में कपड़ा दुकान के बिल और फोन-पे ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड जांच की कुंजी बन सकते हैं।
पुलिस के अनुसार शादी से पहले लड़की पक्ष की पृष्ठभूमि की पुष्टि, स्थानीय पुलिस से संपर्क और किसी भी बड़ी रकम के लेन-देन से पहले कागजी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। बाहर से आए दूल्हा पक्ष को सार्वजनिक स्थानों पर रस्में निभाने और भरोसेमंद गवाहों की मौजूदगी में लेन-देन करने की सलाह दी जा रही है। इस बीच पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में है और पुलिस से तेजी से कार्रवाई की मांग कर रहा है।
रिपोर्ट-कुंदन सिंह, धनबाद
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