मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई से एक बड़ी खबर है। मराठा आरक्षण के लिए मुंबई के आजाद मैदान में 19 सितंबर से आमरण अनशन करने की अनुमति मनोज जरांगे पाटील ने मांगी थी, जिसे मुंबई पुलिस ने खारिज कर दिया है।

आजाद मैदान पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजू बिडकर ने इस संबंध में पत्र जारी किया है।

अनुमति नहीं देने के 4 प्रमुख कारण-

  1. गणेशोत्सव के चलते सुरक्षा का सवाल: 14 सितंबर से मुंबई में बड़े स्तर पर गणेशोत्सव शुरू हो रहा है। इसके चलते बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। ऐसे में आंदोलन होने पर सार्वजनिक सुरक्षा का सवाल पैदा हो सकता है।
  2. कोर्ट के आदेश और नया कानून: सुप्रीम कोर्ट के अमित साहनी मामले में दिए गए आदेश, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश और ‘सार्वजनिक सभा, आंदोलन एवं जुलूस नियम 2025’ की धारा 46(5)(6) के तहत अनुमति नहीं दी जा सकती।
  3. जगह की क्षमता कम और मुंबई ठप होने का खतरा: जरांगे पाटील ने 4,000 से 4,500 प्रदर्शनकारियों के आने की जानकारी दी है, लेकिन आजाद मैदान में इतनी क्षमता नहीं है। 2025 के आंदोलन के दौरान ट्रैफिक, स्कूल, कारोबार और अस्पतालों पर असर पड़ा था। इस बार भी मुंबई के जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका है।
  4. कानून-व्यवस्था का पिछला अनुभव: पिछले साल आंदोलन में करीब 5 हजार प्रदर्शनकारी पहुंचे थे और कुछ लोगों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए थे। साथ ही, आवेदक द्वारा पहले ही “मुंबई बंद” का आह्वान किए जाने के कारण कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति पैदा होने की आशंका है।

इन सभी कारणों के चलते पुलिस ने आजाद मैदान में 19 सितंबर से प्रस्तावित आंदोलन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

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