मेघालय की राजधानी शिलांग में सरकारी दफ्तरों और पुलिस थानों को निशाना बनाकर किए गए एक के बाद एक 4 बम हमलों से हड़कंप मच गया। इन लगातार हुए हमलों के बाद प्रशासन ने शहर में सरकारी और पुलिस ठिकानों के आसापास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ये घटनाएं 16 सितंबर की शाम से गुरुवार तड़के के बीच की हैं। इनमें से किसी भी हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हालांकि हमलावर कौन थे और हमले क्यों किए गए इसका अभी पता नहीं चला है।
अधिकारी अभी तक इन हमलों के पीछे शामिल बदमाशों और उनके मकसदों के बारे में कुछ पता नहीं लगा पाए हैं। पुलिस CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों की जांच कर रही है।
DHS कैंपस पर पेट्रोल बम फेंका
बदमाशों ने गुरुवार तड़के लाइतुम्खराह इलाके में स्थित स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (DHS) परिसर पर पेट्रोल बम फेंका, जिससे परिसर में आग लग गई। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को काम पर लगाया गया। एक अन्य घटना में, तड़के अज्ञात बदमाशों ने नोंगमेनसॉन्ग स्थित एक पुलिस बूथ को आग के हवाले कर दिया।
ये दोनों हमले बुधवार रात लुमडिंगजरी पुलिस थाने पर पेट्रोल बम फेंके जाने के कुछ ही घंटों बाद हुए। वह बम थाना प्रभारी के कमरे के पिछले हिस्से में गिरा, जिससे मामूली नुकसान हुआ।
खनिज संसाधन निदेशालय के कार्यालय पर हमला
बुधवार शाम रिसा कॉलोनी स्थित खनिज संसाधन निदेशालय (DMR) के कार्यालय पर भी पेट्रोल बम से हमला किया गया, जिसमें डीएमआर के एक कर्मचारी के निजी वाहन को नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने आग बुझा दी। पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि हम सभी घटनाओं की जांच कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं, पुलिस हमलावरों की पहचान करने और हमलों के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
वहीं, आपको बता दें कि हल ही में घर के बाहर शोर का विरोध करने पर मणिपुर के पूर्व संगीतकार की दिल्ली में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक ने घर के सामने डिलीवरी बॉय और ढाबा कर्मचारियों के शोर-शराबे और हंगामे का विरोध किया था।
(इनपुट- PTI)
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