Highlights
- तेजस Mk1A की डिलीवरी सॉफ्टवेयर दिक्कतों से अटकी, HAL जल्द समाधान के बाद डिलीवरी शुरू करेगा।
- HAL अगले चार-पांच साल में वायुसेना को सभी 70 HTT-40 विमान सौंपने की तैयारी में है।
- CATS वॉरियर ड्रोन का प्रोटोटाइप तैयार होना शुरू, अगले साल प्रमाणन की योजना बना रही HAL।
बेंगलुरु: भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A की भारतीय वायुसेना को होने वाली डिलीवरी फिलहाल सॉफ्टवेयर से जुड़ी दिक्कतों के कारण प्रभावित है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि कुमार ने शुक्रवार को कहा है कि विमान के परीक्षण के दौरान कई सॉफ्टवेयर संबंधी बदलाव किए जा रहे हैं। HAL इन समस्याओं को जल्द दूर करने और इसके बाद डिलीवरी शुरू करने पर काम कर रहा है। तेजस Mk1A को दुश्मनों के खिलाफ एक प्रभावी लड़ाकू जेट के तौर पर देखा जा रहा है।
‘डिलीवरी के लिए विमान का पूरी तरह तैयार होना जरूरी’
रवि कुमार ने तेजस Mk1A की डिलीवरी की कोई निश्चित समयसीमा बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा,
‘डिलीवरी के लिए विमान का पूरी तरह तैयार होना जरूरी है। हम अभी उस स्थिति तक नहीं पहुंचे हैं। हम इसके लिए बहुत मेहनत कर रहे हैं। हम जल्द ही समस्याओं को दूर करेंगे और डिलीवरी शुरू करेंगे। जांच के दौरान बहुत सारी समस्याएं सामने आती हैं। मैं कोई समयसीमा तय नहीं कर सकता। इसमें बहुत सारा सॉफ्टवेयर शामिल है और इस सॉफ्टवेयर में बदलाव की जरूरत है। इसलिए मैं अभी कोई समयसीमा नहीं बता रहा हूं।’
HAL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि कुमार।
विमानों की डिलीवरी 4-5 साल में पूरा करने का लक्ष्य
HAL के CMD ने बेसिक ट्रेनर विमान HTT-40 को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना के लिए ऑर्डर किए गए सभी 70 HTT-40 विमानों की डिलीवरी अगले चार से पांच साल में पूरी करने की उम्मीद है। रवि कुमार ने कहा,
‘अगले 4 से 5 साल में हम इसे पूरा कर पाने की उम्मीद रखते हैं।’
HAL उत्पादन क्षमता बढ़ाने और किसी तरह की रुकावट से बचने के लिए निजी क्षेत्र की कंपनियों को गैर-मुख्य निर्माण कार्य सौंप रहा है। विमान और हेलीकॉप्टर की अलग-अलग उत्पादन लाइनों में भी निजी उद्योग की मदद ली जा रही है। HTT-40 का उत्पादन तीन अलग-अलग डिवीजनों में बांटा गया है। इसके साथ ही घरेलू सप्लायर कंपनियों के साथ सप्लाई चेन को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि उत्पादन में किसी तरह की मुश्किल न आए।
CATS वॉरियर ड्रोन का प्रोटोटाइप बनना शुरू
भारत की भविष्य की मानवरहित युद्ध क्षमता को लेकर भी HAL ने बड़ी जानकारी दी है। रवि कुमार ने बताया कि HAL ने CATS Warrior यानी कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम के स्वायत्त ड्रोन के प्रोटोटाइप का निर्माण शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा,
‘अब हमने CATS Warrior के प्रोटोटाइप बनाना शुरू कर दिया है। अगले साल हम इसके प्रमाणन की योजना बना रहे हैं।’
CATS वॉरियर को एक ऐसे मानवरहित प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में लड़ाकू विमानों के साथ काम करने में सक्षम होगा। इसे ‘लॉयल विंगमैन’ अवधारणा से जोड़कर देखा जा रहा है।
पुराने हॉक ट्रेनर की जगह LCA LIFT पेश करेगा HAL
भारतीय वायुसेना अपने पुराने ब्रिटिश मूल के BAE Systems Hawk Advanced Jet Trainer विमानों के भविष्य में विकल्प तलाश रही है। इस पर रवि कुमार ने कहा कि HAL स्वदेशी फाइटर-ट्रेनर के विकल्प के तौर पर अपना LCA LIFT (लीड-इन फाइटर ट्रेनर) कार्यक्रम पेश करेगा। उन्होंने कहा,
‘हमारे पास पहले से LCA ट्रेनर हैं। हम अपने ट्रेनर LCA LIFT कार्यक्रम पर भी काम कर रहे हैं। हमें भरोसा है कि हम अपने ग्राहकों को इसके लिए आश्वस्त कर पाएंगे।’
पवन हंस को 10 ध्रुव NG हेलीकॉप्टर देने का ऑर्डर
सिविल एविएशन क्षेत्र में HAL ने बताया कि वह सरकारी हेलीकॉप्टर कंपनी पवन हंस लिमिटेड के 10 ध्रुव NG हेलीकॉप्टरों के ऑर्डर पर काम कर रहा है। रवि कुमार ने कहा,
‘हमने पवन हंस के साथ 10 ध्रुव NG हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति का अनुबंध किया है। हम 4 हेलीकॉप्टर तुरंत दे रहे हैं और दिसंबर तक चार और हेलीकॉप्टर दे देंगे। अगले वित्त वर्ष में सभी हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी पूरी कर देंगे।’
शुक्रवार को होने वाले कार्यक्रम में HAL भारतीय वायुसेना और पवन हंस को कई विमान और हेलीकॉप्टर सौंपेगा। इसमें 2 LCA तेजस FOC ट्रेनर, HTT-40 बेसिक ट्रेनर विमान और पवन हंस को 4 ध्रुव NG हेलीकॉप्टर शामिल हैं।
तेजस FOC ट्रेनर की सभी 4 ट्विन-सीटर डिलीवरी पूरी
HAL के मुताबिक, 2 LCA FOC ट्रेनर विमान सौंपे जाने के साथ FOC अनुबंध के तहत सभी चार ट्विन-सीटर विमानों की डिलीवरी पूरी हो जाएगी। FOC ट्रेनर हल्का, हर मौसम में उड़ान भरने वाला बहुउद्देश्यीय 4.5 पीढ़ी का विमान है। इसे मुख्य रूप से वायुसेना के प्रशिक्षण के लिए बनाया गया है, लेकिन इसमें लड़ाकू विमान की तरह काम करने की क्षमता भी है। इसमें क्वाड्रुप्लेक्स फ्लाई-बाय-वायर उड़ान नियंत्रण प्रणाली, आधुनिक ग्लास कॉकपिट, डिजिटल एवियोनिक्स और आधुनिक कंपोजिट सामग्री से बना एयरफ्रेम जैसी तकनीकें हैं। विमान में रिलैक्स्ड स्टैटिक स्टेबिलिटी और सुरक्षित तरीके से जटिल युद्धाभ्यास करने की क्षमता भी है।
ध्रुव NG की है 14 यात्रियों तक की क्षमता
पवन हंस को दिए जाने वाले ध्रुव NG को HAL ने खुद डिजाइन और तैयार किया है। यह 5.5 टन श्रेणी का हल्का, 2 इंजन वाला बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर है और इसे भारत का पहला स्वदेशी रूप से निर्मित नागरिक हेलीकॉप्टर बताया गया है। यह दो शक्ति 1H1C इंजन से चलता है और ऑफशोर संचालन के लिए AS 4 मानकों को पूरा करता है। इसका अधिकतम टेक-ऑफ वजन 5,500 किलोग्राम है और इसकी अधिकतम गति करीब 285 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी रेंज करीब 630 किलोमीटर है, जिसमें 20 मिनट का रिजर्व शामिल है। इसमें अधिकतम 14 यात्री बैठ सकते हैं। इसका केबिन जरूरत के अनुसार VIP परिवहन, यात्री और उपयोगिता सेवाओं, एयर एंबुलेंस, ऑफशोर संचालन, कानून-व्यवस्था और आपदा राहत जैसे कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
HTT-40 से कैसे होगी पायलटों की बेसिक ट्रेनिंग?
HTT-40 को HAL के एयरक्राफ्ट रिसर्च एंड डिजाइन सेंटर ने विकसित किया है। इसे भारतीय रक्षा सेवाओं की शुरुआती पायलट ट्रेनिंग की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाया गया है। इस विमान ने 31 मई 2016 को पहली उड़ान भरी थी। इसके बाद विमान ने हैंडलिंग, सिस्टम प्रदर्शन, गर्म मौसम और क्रॉसविंड जैसी परिस्थितियों में कई विकास, मूल्यांकन और परीक्षण पूरे किए हैं। HTT-40 को CEMILAC से प्रतिबंधित सैन्य टाइप सर्टिफिकेट मिल चुका है। इसमें करीब 57 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है। विमान में 1,100 हॉर्सपावर का टर्बोप्रॉप इंजन लगा है। इसकी अधिकतम गति 300 नॉट्स और सर्विस सीलिंग 6,000 मीटर है। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 70 HTT-40 विमानों का कॉन्ट्रैक्ट किया है। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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