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पहाड़गंज का ‘मदन कैफे’ विदेशी पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है. 1956 से चल रहे इस कैफे की ‘दाल फ्राई’ अंग्रेजों की पसंदीदा है. यहां विदेशी स्वाद के अनुसार कम तीखा भोजन मिलता है. चाय ₹10 और खाना ₹170 तक में उपलब्ध है. सस्ता और लजीज खाना यहाँ की खास पहचान है.

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दिल्लीः दिल्ली अपने ऐतिहासिक स्मारकों के साथ-साथ अपने लजीज खान-पान के लिए भी पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां पुरानी दिल्ली की तंग गलियों से लेकर चकाचौंध वाले मॉल्स तक खाने-पीने के अनगिनत ठिकाने हैं. इन्हीं में से एक बेहद खास और ऐतिहासिक स्थान है पहाड़गंज का ‘मदन कैफे’. 956 से अपनी पहचान बनाए रखने वाला यह कैफे आज एक ‘लीजेंडरी’ नाम बन चुका है. यहां की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आपको देसी ग्राहकों से ज्यादा विदेशी पर्यटक, खासकर यूरोप और अमेरिका से आए अंग्रेज, मेजों पर भारतीय व्यंजनों का आनंद लेते मिल जाएंगे.

इस कैफे को वर्तमान में जितेंद्र मदन संभाल रहे हैं, जो खुद को ‘बंटी मदन’ कहलवाना पसंद करते हैं. बंटी मदन बताते हैं कि उनके इस सफर की शुरुआत लगभग सात दशक पहले हुई थी. उस दौर में पहाड़गंज विदेशी सैलानियों का मुख्य केंद्र हुआ करता था और आज भी यह सिलसिला जारी है. उन्होंने शुरुआत से ही विदेशियों की पसंद और उनकी डाइट को समझा. चूंकि विदेशी पर्यटकों को भारतीय मसालों का तीखापन ज्यादा रास नहीं आता, इसलिए मदन कैफे ने अपने मेन्यू को उनके हिसाब से ढाला. यहां भारतीय और वेस्टर्न दोनों ही तरह का खाना बहुत ही संतुलित मसालों और कम मिर्च के साथ तैयार किया जाता है.

दाल फ्राई खाने आते विदेशी मेहमान
मदन कैफे की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां यूरोप के लगभग हर देश से पर्यटक आ चुके हैं. बंटी मदन गर्व से बताते हैं कि उनके पास कुछ ‘परमानेंट’ विदेशी ग्राहक हैं, जो दिल्ली आने पर यहां जरूर आते हैं. यहां की ‘दाल फ्राई’ विदेशियों की सबसे पसंदीदा डिश है. जर्मनी से आए एक पर्यटक पामीआना ने बताया कि वह पिछले एक महीने से दिल्ली में हैं और लगभग रोज यहां दाल फ्राई खाने आते हैं। कभी-कभी वे यहां की वेज बिरयानी का स्वाद भी लेते हैं. हल्का तीखा और घर जैसा स्वाद ही यहां की यूएसपी है जो सात समंदर पार से आए लोगों को भी अपना बना लेती है.

स्वाद के अलावा इस कैफे की एक और बड़ी खूबी इसकी किफायती दरें हैं. जहां आज दिल्ली के कैफे में कीमतें आसमान छू रही हैं, वहीं मदन कैफे में आज भी ₹10 से ₹20 में चाय मिल जाती है. यहां के मेन्यू में सबसे महंगी डिश भी मात्र ₹170 के आसपास है. सस्ता और गुणवत्तापूर्ण खाना ही वह बड़ा कारण है कि दिल्ली घूमने आने वाले बजट टूरिस्ट यहां एक बार जरूर आते हैं. पहाड़गंज की चहल-पहल के बीच यह छोटा सा कैफे न केवल दिल्ली की गंगा-जमुनी तहजीब को समेटे हुए है, बल्कि भारतीय आतिथ्य सत्कार और वैश्विक स्वाद के बीच एक मजबूत कड़ी बनकर खड़ा है.

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Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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