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Achanak Lassi Wala Jaipur Famous Mawa Malai Lassi: जयपुर के रामगढ़ मोड़ पर स्थित ‘अचानक लस्सी वाला’ दुकान अपने नाम और मावा मलाई लस्सी के स्वाद के लिए मशहूर है. इसके संचालक ने 40 साल तक एक दुकान पर नौकरी करने के बाद अपनी खुद की दुकान शुरू की. यहाँ केवल 40 रुपये में मिट्टी के कुल्हड़ में मावा और क्रीम से भरपूर लस्सी परोसी जाती है. अनोखे नाम और बेहतरीन स्वाद के कारण यह दुकान सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच एक बड़ा ब्रांड बन चुकी है, जो गर्मियों में सेहत और ठंडक का बेहतरीन विकल्प प्रदान करती है.

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जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में इन दिनों सूरज की तपिश और भीषण गर्मी का दौर जारी है. ऐसे झुलसाने वाले मौसम में लोग ठंडे पेय पदार्थों जैसे जलजीरा, जूस और लस्सी की ओर खिंचे चले आ रहे हैं. जयपुर की चारदीवारी और एमआई रोड इलाके में लस्सी की कई पुरानी और मशहूर दुकानें हैं, लेकिन इन दिनों रामगढ़ मोड़ के पास स्थित एक छोटी सी दुकान अपने बेहद अनोखे नाम ‘अचानक लस्सी वाला’ के कारण पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है. इस दुकान की सफलता की कहानी जितनी दिलचस्प है, उतना ही लाजवाब यहाँ की लस्सी का स्वाद है. यह दुकान न केवल लोगों की प्यास बुझा रही है, बल्कि अपने ‘यूनिक’ नाम के चलते अब एक ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुकी है. दुकान चलाने वाले दंपति की मेहनत और एक अचानक आए विचार ने इस व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है.

दुकान की संचालिका सुनीता ने लोकल-18 से बात करते हुए बताया कि उनके पति पिछले 40 वर्षों से जयपुर के चारदीवारी बाज़ार में एक प्रतिष्ठित लस्सी की दुकान पर काम करते थे. दशकों तक दूसरों के यहाँ नौकरी करने के दौरान उन्होंने लस्सी बनाने की कला में महारत हासिल कर ली थी. काम के दौरान ही उनके मन में अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का विचार आया. नाम को लेकर उन्होंने काफी मंथन किया और फिर ‘अचानक लस्सी वाला’ नाम के साथ किराए की एक दुकान की शुरुआत की. सुनीता के अनुसार, यह नाम इतना प्रभावशाली साबित हुआ कि राह चलते लोग केवल नाम पढ़कर ही दुकान पर खिंचे चले आने लगे. देखते ही देखते इस नाम ने सोशल मीडिया पर भी अपनी जगह बना ली और फूड ब्लॉगर्स के माध्यम से यह दुकान पूरे जयपुर में फेमस हो गई.

मावा मलाई लस्सी का लाजवाब स्वाद
जहाँ अन्य दुकानों पर लस्सी के कई फ्लेवर मिलते हैं, वहीं अचानक लस्सी वाला केवल अपनी खास ‘मावा मलाई लस्सी’ के लिए जाना जाता है. सुनीता बताती हैं कि वे लस्सी की गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करतीं. यह लस्सी शुद्ध घर के जमे हुए दही, ताजे मावे और गाढ़ी क्रीम के मिश्रण से तैयार की जाती है. इसका गाढ़ापन और स्वाद इतना बेहतरीन होता है कि एक बार पीने वाला ग्राहक यहाँ दोबारा ज़रूर आता है. ग्राहकों को यह लस्सी पारंपरिक मिट्टी के कुल्हड़ में सर्व की जाती है, जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है. मात्र 40 रुपये की कीमत में मिलने वाली यह लस्सी स्वाद और सेहत का एक बेहतरीन मेल है, जिसकी मांग गर्मियों के मौसम में आसमान छूने लगती है.

सेहत के लिए वरदान है लस्सी
गर्मी के मौसम में लस्सी केवल एक पेय पदार्थ नहीं, बल्कि सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. सुनीता का कहना है कि कोल्ड ड्रिंक के मुकाबले लस्सी शरीर के लिए अत्यधिक लाभकारी होती है. लस्सी में मौजूद कैल्शियम शरीर की थकान को दूर करने में मदद करता है और पाचन शक्ति को बढ़ाता है. आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लस्सी पेट की गर्मी को शांत कर ठंडक पहुँचाती है और वजन को नियंत्रित करने में भी सहायक साबित होती है. यही कारण है कि जयपुर के लोग अब सॉफ्ट ड्रिंक्स के बजाय पारंपरिक लस्सी को प्राथमिकता दे रहे हैं. ‘अचानक लस्सी वाला’ की कहानी यह साबित करती है कि यदि आपके पास हुनर और एक हटकर विचार हो, तो सफलता ‘अचानक’ ही आपके द्वार पर दस्तक दे सकती है.

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vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a seasoned multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience across digital media, social media management, video production, editing, content…और पढ़ें



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