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सेहत और स्वाद से भरपूर है यह देसी रोटी, खाते ही हो जाएंगे दीवाने! जानिए रेसिपी

 

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Angakar Roti: विंध्य क्षेत्र की महिलाएं आज भी पारंपरिक अंगाकर रोटी बनाती हैं. यह रोटी गोबर के उपलों की धीमी आंच पर पकाई जाती है, जिससे इसमें खास सुगंध और स्वाद आता है. गेहूं के आटे से बनी यह रोटी पौष्टिक होती है और ग्रामीण इलाकों में व्रत के दौरान बड़े चाव से खाई जाती है. यह सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि बघेलखंड की संस्कृति का प्रतीक है. अंगाकर रोटी को बनाने का तरीका ही इसे अन्य रोटियों से अलग बनाता है. इसे अंगार यानी धीमी तपिश पर पकाया जाता है, इसी वजह से इसका नाम अंगाकर पड़ा. यह रोटी आमतौर पर गेहूं के आटे से बनाई जाती है. हालांकि कुछ जगहों पर चावल के आटे का भी इस्तेमाल होता है. बिना किसी जटिल प्रक्रिया और कृत्रिम सामग्री के तैयार होने वाली यह रोटी पूरी तरह से प्राकृतिक और पौष्टिक होती है. स्वास्थ्य के लिहाज से भी अंगाकर रोटी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें न तो ज्यादा तेल का उपयोग होता है और न ही किसी प्रकार के केमिकल या प्रिजर्वेटिव का.



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