दिल्ली की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने एयरलाइन में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह का मास्टरमाइंड, उसका साथी, एक वेबसाइट डेवलपर और तीन टेली-कॉलर्स शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक साइबर थाने में एक शिकायत मिली थी कि उसने 10 जून 2026 को इंस्टाग्राम पर “Bretish Airways” नाम से IGI एयरपोर्ट पर नौकरी का विज्ञापन देखा। फॉर्म भरने के बाद “करिश्मा, HR Bretish Airways” नाम की महिला का कॉल आया।
आरोपियों ने बाकायदा ऑफर लेटर भी दिया
आरोपियों ने व्हाट्सएप पर पैन कार्ड, आधार कार्ड, मार्कशीट और CV मंगवाए और कहा कि नौकरी के लिए “Future Wings Learning Institute” से डिप्लोमा करना जरूरी है। इसी नाम पर 7,000 रुपये UPI से ट्रांसफर करवा। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को फर्जी एडमिशन स्लिप, NOC स्लिप और फर्जी ऑफर लेटर भेज दिया। बाद में पता चला कि Bretish Airways नाम की कोई एयरलाइन ही नहीं है। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस के पास जाकर केस दर्ज कराया।
नोएडा से चला रहे थे गिरोह
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मोबाइल नंबर, IPDR, पेमेंट ट्रेल और वेबसाइट डिटेल खंगाली गई। जांच में आरोपियों का लोकेशन नोएडा में मिली। इसके बाद 18 अगस्त 2026 को गिरोह के मास्टरमाइंड संदीप कुमार और उसके साथी अखिल कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपी संदीप पहले फर्जी एविएशन जॉब कंपनियों में टेली-कॉलर था, वहीं से उसने ठगी का तरीका सीखा। पहले उसने “प्रगति एयरवेज” नाम से ठगी शुरू की, फिर अखिल के साथ 50-50 पार्टनरशिप में गौर सिटी सेंटर मॉल, नोएडा से “Bretish Airways” और “Future Wings Learning Institute” नाम से फर्जी कंपनियां बनाईं।
आरोपियों ने बनाई थी कई वेबसाइट
आरोपी ने एक वेबसाइट डेवलपर से फर्जी वेबसाइट बनवाई, जॉब पोर्टल से डेटा खरीदा और लड़कियों को टेली-कॉलर के रूप में रखा, जो HR बनकर कॉल करती थीं। हर कैंडिडेट से 7,000 से 10,000 रुपये एडमिशन/रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर वसूलते थे और फर्जी सर्टिफिकेट और ऑफर लेटर भेजते थे। ये लोग पकड़े जाने से बचने के लिए ऑफिस, वेबसाइट, सिम कार्ड और फोन बदलते रहते थे। उन्होंने Bretish Airways पर शिकायत आने के बाद “शंख एयरवेज” और “एक्सीलेंस लर्निंग इंस्टिट्यूट” नाम से नई वेबसाइट बना ली थी।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी
पकड़े गए आरोपियों की पहचान संदीप कुमार, अखिल कुमार, राकेश कुमार, श्वेता, सपना और साक्षी के रूप में हुई है। इनके कब्जे से 2 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड और 2 रजिस्टर जिनमें जॉब सीकर का डेटा था, बरामद किए गए हैं। जांच में NCRP पोर्टल पर 10 शिकायतें इसी रैकेट से जुड़ी मिली हैं। पुलिस का कहना है कि छोटी रकम होने के कारण कई पीड़ितों ने शिकायत ही नहीं की। पुलिस अब इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले जॉब ऑफर को सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट से वेरिफाई करें और नौकरी के नाम पर किसी भी तरह की फीस न दें। साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
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