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फ़िल्म रिव्यू

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मलयालम सिनेमा (Malayalam Cinema) की तारीफ करना अब गलत लगता है क्योंकि इस भाषा की कोई फिल्म देख कर लगता है अब इस से अलग क्या बनाया जा सकता है, इस भाषा में एक और कोई नयी फिल्म (Malayalam Movies)…

पंजाबी सिंगर जस्सी गिल का म्यूजिक करियर तो ठीक ठाक चल रहा है, लेकिन उनमें अभिनय करने का एक अलग जज़्बा भी जागा हुआ है, इस वजह से उन्होंने कई पंजाबी फिल्मों में बतौर हीरो काम किया फिर ‘हैप्पी फिर…

लेखक निर्देशक पवन कृपलानी का मानना है कि हॉरर फिल्मों में कई सारे एक्सपेरिमेंट किये जा सकते हैं. चूंकि भारत में अभी तक मेन्टल हेल्थ को एक बड़े खतरे के तौर पर देखा नहीं जाता (किडनैप और सीरियल किलर) और…

सुपर हीरो फिल्मों की एक बात बड़ी अच्छी लगती है कि उनके सुपर हीरो बनने की कहानी में सभी को बड़ा मज़ा आता है. पीटर पार्कर (Peter Parker) को रेडियोएक्टिव स्पाइडर के काटने से स्पाइडरमैन (Spiderman) बनने का मौका मिलता…

Review: 26 नवंबर 2011… मुंबई के लिए, महाराष्ट्र के लिए, भारत के लिए और दुनिया के लिए एक ऐसी रात थी जिसमें टेलीविजन पर इंसानियत को गोलियों से छलनी होते हुए देखा, बम की विस्फोट में भाई चारे के चीथड़े…

सोशल सटायर यानी समाज की विसंगतियों पर किया गया व्यंग्य, सबसे आसान लगता है और सबसे कठिन होता है. वजह है सोशल सटायर को समझने का नजरिया. ज़ी 5 पर रिलीज फिल्म ‘हेलमेट’ कहने के लिए एक व्यंग्य है, कॉन्डम…

Paagal Review: फिल्म की शुरुआत में हीरो कहता है कि मुझे आज तक 1600 लड़कियों से प्यार हुआ है. कैसा भौंडा मज़ाक है जो फिल्म में कॉमेडी और रोमांटिक एंगल के नाम पर डाला गया है. तेलुगु फिल्म ‘पागल’ निहायत…

Stand up sorts Review: स्टैंड अप कॉमेडी की शुरुआत भारत में कहां हुई ये कहना ज़रा मुश्किल है लेकिन जॉनी लीवर, केके नायकर और राजू श्रीवास्तव जैसे दिग्गजों को हम सब सुनते आये हैं जब कैसेट्स चला करती थी.ये कॉमेडी…

13 अगस्त 2004 को नागपुर की कस्तूरबा नगर बस्ती में रहने वाला भरत कालीचरण उर्फ़ अक्कू यादव को नागपुर कोर्ट में दोपहर के 3 बजे के बाद करीब 200 से 400 औरतों ने कोर्ट में घुसकर 70 से भी ज़्यादा…

मुगलों का इतिहास आजकल चर्चा में रहने लगा है. एक तरफ देश में जाति आधारित जनगणना की मांग जोर पकड़ रही है और साथ ही हिन्दू-मुस्लिम विभाजन जोरों से एक आंदोलन की शक्ल लेते जा रहा है, ऐसे में डिज्नी+…