गांधीनगर में गुरुवार (10 सितंबर) को सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ई-मेल मिलने के बाद साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। जांच के दौरान ई-मेल का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की लोकेशन बिहार के भागलपुर में मिली। इसके बाद वहां से रोशन कुमार को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जांच की कड़ी झारखंड के देवघर तक पहुंची, जहां से मुख्य आरोपी गुलशन कुमार सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों के पास से 5,13,847 यूनिक ई-मेल आईडी और पासवर्ड की सूची बरामद हुई है। इनका इस्तेमाल धमकी भरे ई-मेल भेजने के लिए किया जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि इसके बदले आरोपियों को बांग्लादेश में रहने वाले सह-आरोपियों की ओर से आर्थिक सहायता भेजी जाती थी।
5 लाख से अधिक ई-मेल आईडी बनाकर बेचीं
साइबर सेल ऑफ एक्सीलेंस के एसपी विवेक भेड़ा ने बताया कि गुलशन कुमार सिंह ने अब तक 5 लाख से अधिक यूनिक Gmail ई-मेल आईडी और पासवर्ड तैयार किए होने की बात सामने आई है। वह केवल ई-मेल आईडी और पासवर्ड ही नहीं, बल्कि ऑथेंटिकेटर और सीड कोड भी तैयार करता था। इसके बाद इन विवरणों को आगे बेचा जाता था और इनका इस्तेमाल धमकी भरे ई-मेल भेजने के लिए किया जाता था।
धमकी भरे ई-मेल में रोशन की सीधी भूमिका
10 सितंबर को सचिवालय को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल की आईडी गुलशन के पास से बरामद की गई शीट में भी मिली है। हालांकि, इस आईडी का इस्तेमाल कर धमकी भरा ई-मेल बिहार से रोशन कुमार ने भेजा था। गुलशन ई-मेल आईडी और पासवर्ड तैयार करके उन्हें आगे भेजता था, जबकि रोशन इनका इस्तेमाल कर धमकी भरे ई-मेल भेजता था।
बांग्लादेश के राष्ट्र-विरोधी तत्वों से कनेक्शन
जांच में गुलशन कुमार सिंह के संपर्क बांग्लादेश के कुछ राष्ट्र-विरोधी तत्वों से होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, गुलशन ई-मेल आईडी और पासवर्ड तैयार करके बांग्लादेश भेजता था और वहां से उनका इस्तेमाल किए जाने की दिशा में जांच चल रही है। इसके बदले उसे USDT के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान मिलने की भी जानकारी सामने आई है। बांग्लादेशी तत्वों की सटीक भूमिका और गुलशन के साथ उनके संबंधों को लेकर जांच अभी जारी है।
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