पाली. मानसून आते ही जहाँ चारों तरफ हरियाली छा जाती है, वहीं राजस्थान के पाली जिले में कुदरत का एक ऐसा अनोखा करिश्मा देखने को मिलता है जो स्वाद और सेहत दोनों का बेजोड़ संगम है. हम बात कर रहे हैं बारिश के मौसम में उगने वाली देसी ‘फूभी’ की सब्जी की. पाली के देसूरी और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों यह सब्जी खूब बिक रही है. हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब्जी इंसानों द्वारा उगाई नहीं जाती, बल्कि कचरे, रूड़ी और प्राकृतिक गंदगी वाली जगहों से खुद-ब-खुद जमीन फाड़कर बाहर निकलती है. लेकिन औषधीय गुणों के मामले में यह बड़े-बड़े महंगे फूड्स को मात देती है.

आइए जानते हैं इस खास सब्जी के फायदे और इसे बनाने की वो पारंपरिक रेसिपी, जिसके दीवाने दूर-दूर से यहाँ खींचे चले आते हैं. जाने इसकी क्या है पूरी रेसिपी.

कम मसालों के साथ देशी अंदाज में करे तैयार 
मानसून और बदलते मौसम के साथ ही रसोई में कुछ गरमा-गरम और चटपटा खाने की चाहत बढ़ जाती है. वैसे तो मशरूम (फूभी) की कई तरह की सब्जियां आपने खाई होंगी, लेकिन पारंपरिक राजस्थानी देसी अंदाज में बनी ‘फुबी’ (फूभी) की सब्जी का स्वाद सबसे जुदा होता है. कम मसालों और एकदम घरेलू तरीके से बनने वाली यह सब्जी स्वाद और सेहत दोनों का लाजवाब कॉम्बो है.

इस सामग्री को ले आए घर
फुबी (फूभी/मशरूम): 250 ग्राम (अच्छी तरह साफ और कटी हुई)
बारीक कटे प्याज: 2 मध्यम
बारीक कटे टमाटर: 2 मध्यम
लहसुन: 10-12 कलियां (कुटी या पिसी हुई)
हरी मिर्च: 3-4 (बारीक कटी हुई)
तेल: 2-3 चम्मच (सरसों का तेल बेस्ट रहेगा)
जीरा: 1 छोटा चम्मच
सूखे मसाले: हल्दी (1 छोटा चम्मच), धनिया पाउडर (1.5 चम्मच), लाल मिर्च पाउडर (1 चम्मच)
नमक: स्वादानुसार
हरा धनिया: बारीक कटा हुआ (गार्निशिंग के लिए)

स्टेप बाय स्टेप समझे बनाने की प्रक्रिया 
1. फुबी (फूभी) की सफाई है सबसे जरूरी:
फुबी में अक्सर काफी मिट्टी लगी होती है. इसे साफ करने के लिए थोड़े से सूखे आटे या गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और 5-6 बार अच्छी तरह धोएं. साफ होने के बाद इसे अपनी पसंद के आकार में (या एक के 4 टुकड़े) काट लें.

2. तैयार करें ‘मसाला घोल’:
मसाले कड़ाही में जले नहीं और सब्जी में अच्छा गाढ़ापन आए, इसके लिए एक कटोरी में हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक लें. इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर एक गाढ़ा घोल तैयार कर लें.

3. लगाएं कड़क तड़का:
अब कड़ाही में तेल गरम करें. तेल गरम होने पर जीरा डालें. जीरा चटकने के बाद कटी हुई हरी मिर्च और कुटा हुआ लहसुन डालकर कुछ सेकंड के लिए भूनें. इसके बाद बारीक कटे प्याज डालें और उन्हें हल्का सुनहरा होने तक अच्छे से पकाएं.

4. मसालों और टमाटर की भुनाई:
अब भुने हुए प्याज में तैयार किया हुआ मसालों का घोल डालें. इसे तब तक मध्यम आंच पर पकाएं जब तक कि मसालों से तेल अलग न होने लगे. मसाला तेल छोड़ दे, तो कटे हुए टमाटर डालें और उनके पूरी तरह नरम होने तक पकाएं.

5. फुबी को मसालों के साथ पकाएं:
जब ग्रेवी अच्छी तरह तैयार हो जाए, तो कटी हुई फुबी को कड़ाही में डालें. इसे मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाते हुए 2-3 मिनट तक बिना ढके भूनें.

6. आखिरी दम और खुशबू:
अब इसमें आवश्यकतानुसार आधा कप पानी डालें (यदि आप सूखी सब्जी चाहते हैं तो पानी कम डालें). कड़ाही को ढक दें और मध्यम आंच पर 4-5 मिनट तक पकने दें. इसके बाद यह पककर तैयार हो जाए तो आप इसपर फ्रेश बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर इसको खाने के लिए काम ले सकते है.



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