Last Updated:
झारखंड के झुमरी तिलैया का प्रसिद्ध केसरिया कलाकंद अब जीआई (Geographical Indication) टैग मिलने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहा है. इस प्रतिष्ठित मान्यता के बाद देश के अलग-अलग राज्यों से लोग इस खास मिठाई के बारे में जानकारी ले रहे हैं और सीधे दुकानदारों से ऑर्डर भी कर रहे हैं. अपनी पारंपरिक रेसिपी, अनोखे स्वाद और गुणवत्ता के लिए मशहूर यह मिठाई अब झारखंड की पहचान को देशभर में और मजबूत कर रही है, जिससे स्थानीय मिठाई कारोबारियों को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.
झारखंड के पहले और फिलहाल एकमात्र खाद्य उत्पाद झुमरी तिलैया के प्रसिद्ध केसरिया कलाकंद को जीआई टैग मिलने के बाद लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. जीआई टैग मिलने के बाद इस पारंपरिक मिठाई की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है.
इसका असर यह है कि अब देश के विभिन्न राज्यों से लोग केसरिया कलाकंद के स्वाद, इसकी खासियत और खरीदारी को लेकर लगातार जानकारी ले रहे हैं. कई ग्राहक सीधे मिठाई विक्रेताओं को फोन कर ऑर्डर भी दे रहे हैं.
जीआई टैग की प्रक्रिया के दौरान गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के परीक्षण के लिए कोडरमा की कई प्रतिष्ठित मिठाई दुकानों से केसरिया कलाकंद के नमूने भेजे गए थे. इनमें कन्हैया मिष्ठान का सैंपल भी शामिल था. निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के बाद झुमरी तिलैया के केसरिया कलाकंद को यह प्रतिष्ठित पहचान मिली. जिससे स्थानीय मिठाई व्यवसाय को नई पहचान और बाजार मिला है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
कन्हैया मिष्ठान के संचालक अभिषेक सेठ ने बताया कि पहले ग्राहक सामान्य कलाकंद खरीदने के लिए दुकान पर आते थे. लेकिन जीआई टैग मिलने के बाद अब लोग विशेष रूप से जीआई टैग वाला केसरिया कलाकंद मांग रहे हैं. कई ग्राहक इसकी विशेषता जानने के साथ-साथ इसे उपहार के रूप में भी खरीद रहे हैं. उन्होंने बताया कि कोडरमा की पानी और वातावरण यहां तैयार होने वाले कलाकंद को विशेष बनता है.
अभिषेक सेठ ने बताया कि ग्राहकों की बदलती पसंद को देखते हुए उनकी दुकान पर पहले से शुगर फ्री कलाकंद उपलब्ध कराया जा रहा था. अब बढ़ती मांग के बीच ग्राहकों को नए स्वाद का अनुभव देने के लिए चॉकलेट फ्लेवर और गुड़ से तैयार कलाकंद भी लॉन्च किया गया है.
उन्होंने बताया कि केसरिया कलाकंद की कीमत 520 प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है. जिन शहरों और राज्यों तक कोडरमा से सीधी परिवहन सुविधा उपलब्ध है. वहां ग्राहकों के ऑर्डर पर कलाकंद भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा कि सामान्य तापमान पर यह मिठाई लगभग 24 घंटे तक सुरक्षित रहती है. जबकि फ्रिज में रखने पर इसकी गुणवत्ता और स्वाद कई दिनों तक बरकरार रहता है.